बरेली-लखनऊ रेल ट्रैक की डाउन लाइन पर श्रमजीवी एक्सप्रेस से टकराया रेल पटरी का टुकड़ा रेल कर्मचारियों को तो ढूंढे नहीं मिला, लेकिन बुधवार को सर्च ऑपरेशन के दौरान आरपीएफ ने ढाई फीट लंबा यह रेल लाइन का टुकड़ा बरामद कर लिया। अब इसे जांच के लिए मुरादाबाद मंडल कार्यालय भेजा जाएगा। इस मामले में अब रेल कर्मियों की गर्दन फंसती नजर आ रही है। माना जा रहा है कि यह टुकड़ा ट्रैक पर रेल कर्मियों की लापरवाही से ही छूटा था। उधर, स्थानीय अधिकारियों की प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने के बाद डीआरएम मुरादाबाद एके सिंघल ने जांच शुरू करा दी है।
इस पूरे मामले में रेल कर्मचारियों की भूमिका चौंकाने वाली है। चार दिसंबर की शाम हादसा टलने के बाद श्रमजीवी एक्सप्रेस के लोको पायलट की सूचना के बाद रेल पटरी का मुआयना कराया गया था, लेकिन टीम को रेल पटरी का टुकड़ा नहीं मिला था। दिन के उजाले में भी बरामदगी नहीं हो सकी। आरपीएफ थाने की पुलिस ने रेल पटरी का टुकड़ा बरामद किया है। माना जा रहा है कि पटरी का टुकड़ा रविवार को हुई मरम्मत के दौरान वहां छूटा होगा। रेलवे कर्मचारियों की लापरवाही सामने आने के बाद अब कार्रवाई तय मानी जा रही है।
पटरी का टुकड़ा दो किमी पीछे कैसे पहुंचा
खास बात यह है कि श्रमजीवी के लोको पायलट ने कंट्रोल रूम को किमी संख्या 16 नोट कराई थी, जबकि आरपीएफ ने किमी संख्या 18 से टुकड़ा बरामद किया। बरेली की तरफ आती श्रमजीवी से टकराने के बाद पटरी का टुकड़ा 14 या 15 किमी पर मिलना चाहिए था। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि हादसा टलने के बाद किसी ने पटरी का टुकड़ा झाड़ियों में छिपाने का प्रयास किया, यही वजह है कि आरपीएफ को उल्टी दिशा में टुकड़ा बरामद हुआ। जांच रिपोर्ट में इन सभी बातों को शामिल किया गया है।
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बरेली-सीबीगंज रेलवे ट्रैक पर हुई मरम्मत
बरेली। सीबीगंज जाने वाले रेलवे ट्रैक पर दोबारा मरम्मत कार्य कराया गया। अप लाइन पर चली मरम्मत के दौरान 30 किमी प्रति घंटा के कॉशन पर गाड़ियों को गुजारा गया। इसी तरह आंवला ट्रैक पर भी मरम्मत कार्य कराया गया। हालांकि इस दौरान ब्लॉक नहीं लिया गया।