एक साल में कई बार उखड़ी सड़क
शहर के पॉश इलाकों में शुमार सिविल लाइंस की स्थिति भी कमोवेश ऐसी ही है, जहां सुबह से देर रात तक भारी वाहनों का दबाव रहता है। यहां की नावल्टी चौराहा रोड को 15वें वित्त आयोग के तहत बनवाया गया था, लेकिन महज एक साल के भीतर ही हनुमान मंदिर के सामने यह सड़क कई बार उखड़ चुकी है। हालांकि शुक्रवार को यहां पैचवर्क किया गया था, लेकिन पानी की लाइन में लीकेज होने के कारण सड़क लगातार बैठ रही है और गड्ढे हो गए हैं।
बदहाल रामपुर रोड की नहीं ली गई सुध
यही हाल शहर के व्यस्त इलाकों में आने वाली रामपुर रोड का भी है। यहां पानी की पाइपलाइन फटने के बाद महीनों बीत जाने के बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई है, जिसके चलते आए दिन हादसे हो रहे हैं और लोगों को दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रामपुर रोड की पुरानी पाइपलाइन जर्जर हो चुकी है, जो बार-बार टूट जाती है और दो महीने से अधिक समय से खराब पड़े इस मार्ग की सुध लेने वाला कोई नहीं है। धर्मकांटा से कोहाड़ापीर रोड की हालत भी काफी दयनीय है।
मिनी बाइपास पर गड्ढे में पलट रहे वाहन
रामपुर रोड पर मिनी बाइपास के पास सड़क पर करीब दो फुट गहरा गड्ढा हो गया है। इस कारण वाहन वहां से धीमी रफ्तार में निकलते है। कई बार गड्ढे में ई-रिक्शा पलट चुका है, लेकिन उसके बाद भी इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। गड्ढा हुए दो माह बीतने पर भी स्थायी मरम्मत नहीं की गई। बरसात से पहले यहां पर बजरी डलवाई गई थी लेकिन बारिश में वह बह गई।
नगर निगम के एक्सईएन राजीव कुमार राठी ने बताया कि रामपुर रोड निगम के अंतर्गत नहीं आती है। सिविल लाइंस वाली रोड को ठीक कराया गया था, जो गड्ढे रह गए हैं उन्हें भी भरवाया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन भगत सिंह ने बताया कि रामपुर रोड पर गड्ढों को दिखवाया जा रहा है, जो गड्ढे भरने से रह गए हैं उन्हें भरवाने का काम किया जाएगा।