सुप्रीम कोर्ट ने रुहेलखंड विश्वविद्यालय को निर्देश दिए थे कि पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर दुष्कर्म के आरोप लगाने वाली एलएलएम की छात्रा की पढ़ाई के लिए दूसरे लॉ कॉलेज में एडमिशन दिलाया जाए, लेकिन अब तक छात्रा ने एडमिशन के लिए कोई कार्रवाई नहीं की है। इस पर विश्वविद्यालय ने छात्रा को पत्र लिखकर एडमिशन प्रक्रिया पूरी कराने को कहा है।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा था कि पीड़ित एलएलएम की छात्रा और उसके भाई का भविष्य महत्वपूर्ण है। कोर्ट ने इस मामले में रुहेलखंड विश्वविद्यालय को निर्देश दिए थे कि छात्रा की मर्जी के मुताबिक रुहेलखंड विश्वविद्यालय उसकी और उसके भाई की पढ़ाई का इंतजाम कराए।
मगर छात्रा या उसके भाई ने दूसरे कॉलेज में एडमिशन के लिए विश्वविद्यालय में अब तक आवेदन नहीं किया है। इससे सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं हो पाया है। अब विश्वविद्यालय ने छात्रा को पत्र लिखकर एडमिशन प्रक्रिया पूरी कराने को लिखा गया है।
‘विश्वविद्यालय छात्रा को उसकी मर्जी के मुताबिक कॉलेज में एडमिशन दिलाने को तैयार है, लेकिन अभी तक छात्रा ने आवेदन नहीं किया है। हम छात्रा के आवेदन का इंतजार कर रहे हैं।
- प्रो. अनिल शुक्ल, कुलपति