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रुहेलखंड विश्वविद्यालय: स्थापना दिवस पर राज्यपाल ने कहा- नवाचार पर हो शोध, कागजों तक सीमित न रहें गतिविधियां

Sat, 15 Feb 2025 06:10 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

रुहेलखंड विश्वविद्यालय के 50वें स्थापना दिवस पर कुलाधिपति राज्यपाल आनंदीबेन पटेल वर्चुअल तौर पर स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि सामाजिक समस्या से जुड़े मुद्दों पर भी शोध करने होंगे। ताकि शोध के निष्कर्ष से समाज का मार्गदर्शन हो सके। इसी से विश्वविद्यालय की सार्थकता साबित होगी। 
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय के 50वें स्थापना दिवस पर हुआ कार्यक्रम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बेटियों को दहेज उत्पीड़न, स्वास्थ्य संबंधी समस्या, खून की कमी, बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों से निजात दिलाने के लिए सार्थक प्रयास करने होंगे। दिव्यांगों को प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराने के साथ विश्वविद्यालय की पहचान को दुनिया भर में पहुंचाना होगा। तभी विश्वविद्यालय जैसी शैक्षिक संस्थाओं की स्थापना और उद्देश्य पूरा होगा। 

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रुहेलखंड विश्वविद्यालय कई सामाजिक जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। क्षय रोग उन्मूलन के लिए बेहतर प्रयास किया है। कमाई के साथ पढ़ाई की पहल सराहनीय है। लेकिन सामाजिक समस्या से जुड़े मुद्दों पर भी शोध करने होंगे। ताकि शोध के निष्कर्ष से समाज का मार्गदर्शन हो सके। इसी से विश्वविद्यालय की सार्थकता साबित होगी। ये सुझाव शनिवार को रुहेलखंड विश्वविद्यालय के 50वें स्थापना दिवस के मौके पर कुलाधिपति राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कुलपति को दिए।

राज्यपाल वर्चुअल तौर पर स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि नवाचार का सकारात्मक वातावरण तैयार कर रही चरैवेति, चरैवेति के आदर्श वाक्य को साकार किया जा सकता है। बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मौजूद विद्यार्थी, शिक्षक, अफसरों से अपील की।

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ढाई सौ से कम रहे 900 के पार क्यूएस रैंक
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि नैक ए डबल प्लस ग्रेड प्राप्त, एनआईआरएफ रैंक में बेहतर प्रदर्शन के बावजूद हाल ही में जारी क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में विश्वविद्यालय की रैंक नौ सौ के पार होना ठीक नहीं। संबंधित रैंक को ढाई सौ के भीतर हासिल करने के लिए जरूरी प्रयास के सुझाव दिए। ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक छात्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आकर्षित किया जा सके।

यूजीसी से विवि को मिला कैटगरी-1, सौ करोड़ की ग्रांट
रुहेलखंड विश्वविद्यालय को कैटगरी-1 का दर्जा मिलने और सौ करोड़ की ग्रांट स्वीकृत होने पर राज्यपाल ने कुलपति के प्रयास को सराहा। पूर्व में मिली नैक ग्रेड के बाद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने कैटेगरी-1 का दर्जा दिया है। पीएम ऊषा प्रोजेक्ट में सौ करोड़ की ग्रांट मिलने से इंफ्रास्ट्रक्चर, शैक्षिक गतिविधि का विकास होगा। विदेशी छात्रों के प्रवेश से विश्वविद्यालय का छवि बेहतर हुई है।

मुरादाबाद में नया विश्वविद्यालय बनने से बढ़ेगी चुनौती
राज्यपाल ने कहा कि मुरादाबाद में नया विश्वविद्यालय बनने के बाद रुविवि के समक्ष वर्तमान स्वरूप और शिक्षा स्तर बनाए रखने की चुनौती है। इसे बरकरार रखने के लिए विश्वविद्यालय को ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो को बढ़ाने, आर्थिक संसाधन, शिक्षा, शोध के स्तर को बढ़ाना होगा। सुझाव दिया कि जो निदेशालय और सेल बने हैं, वे कागजों में ही सक्रिय न रहें बल्कि जमीनी स्तर पर कार्य करें तो चुनौती अवसर बनेगी।
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प्राइवेट बंद अब ऑनलाइन दूरस्थ शिक्षा का भविष्य
नई शिक्षा नीति के तहत विश्वविद्यालय ने अब प्राइवेट फॉर्म की व्यवस्था समाप्त कर दी है। इसकी जगह ऑनलाइन दूरस्थ शिक्षा की कवायद शुरू करने जा रहा है। इसमें विद्यार्थी प्रवेश लेकर अध्ययन जारी रख सकेंगे। इस व्यवस्था से उन्हें ऑनलाइन क्लास और लैब की भी जानकारी दी जा सकेगी। इसे राज्यपाल ने सराहा। वहीं, इंक्यूबेशन सेंटर के जरिए स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने पर भी सराहना की।
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