छात्रों की डिग्री और शैक्षणिक दस्तावेजों के लिए ब्लॉकचेन-आधारित भंडारण को अपनाया है, ताकि दुनियाभर में कभी भी ये सुलभ हो सकें। वर्ष 2024-25 में 44 विषयों में 110 पीएचडी प्रदान करने के साथ ही 1,748 पीएचडी शोध प्रबंधों को शोधगंगा प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया गया। शोध आउटपुट काफी बढ़ा है। प्रशासनिक सेवाओं सहित खेलों में भी रुविवि के विद्यार्थियों ने नाम रोशन किया है।
दस साल बाद मिला भवन, अब वैश्विक रैंकिंग बढ़ा रही शान
रुहेलखंड विश्वविद्यालय को अपनी इमारत 15 फरवरी 1985 को मिली। तब कैंपस में छात्रावास नहीं थे। एमएससी प्लांट साइंस व एनिमल साइंस, एमए इतिहास व अर्थशास्त्र के पाठ्यक्रम ही संचालित थे। इसके बाद शिक्षा, विधि व व्यवसाय प्रबंधन विभाग खोले गए। वर्ष 1995 में अभियांत्रिकी, होटल प्रबंधन सहित अन्य विभाग खुले। 51 वर्ष की यात्रा में रुहेलखंड विवि ने नैक मूल्यांकन में ए प्लस श्रेणी में जगह बनाई। कई वैश्विक रैंकिंग में भी दबदबा कायम किया। इस समय विवि में 55 से अधिक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।