बदमाशों ने मंदिर पर पहुंचकर अपने को पुलिस वाला बताते हुए सबसे पहले बरामदे में सो रहे पंडित मनोज को उठाया। बदमाशों को देखकर पंडित सकपकाए तो बदमाशों ने उन्हें धमका दिया। बदमाशों ने उनसे छह-सात सौ रुपये और मोबाइल फोन कब्जे में ले लिया। इसके बाद बदमाशों ने मंदिर में खाना बनाने वाले राजीव और डोरीलाल को कब्जे में किया। उनके पास उन्हें कुछ नहीं मिला तो लुटेरों ने पंडित मनोज से अंदर कमरे में सो रहे उनके बाबा महंत लालू गिरि से किबाड़े खुलवाने को कहा। आना-कानी करने पर लुटेरों ने पंडित की पिटाई भी की। किबाड़े खुलने के बाद लुटेरों ने बाबा से 11 हजार की नकदी, चांदी की माला, तलवार और मोबाइल फोन लूट लिया। बदमाश जलपान का रखा सारा सामान, दो किलो देशी घी भी अपने साथ ले गए। करीब पौन घंटे तक लूटपाट करने के बाद बदमाशों ने चारों को बाबा के कमरे में बंद कर दिया और बाहर से ताला लगाकर फरार हो गए।
लुटेरों के जाने के बाद चारों लोग कमरे की खिड़की से बाहर निकले और करीब सबा दो बजे कोतवाली पहुंचकर घटना की तहरीर पुलिस को दी। शुक्रवार को हलका दरोगा ने मंदिर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। पुलिस क्षेत्राधिकारी नरेश कुमार ने घटना की जानकारी होने से इंकार किया है। साथ ही बोले, यदि घटना हुई है तो जांच कराकर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी और लुटेरों की गिरफ्तारी भी करायी जाएगी।