रामलीला कमेटी की अध्यक्ष तारा सक्सेना ने 2010 में सत्य प्रकाश सक्सेना आदि के खिलाफ कमेटी की जमीन पर कब्जा करने का मुकदमा दाखिल किया था। उन्होंने नगर मजिस्ट्रेट और अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय की ओर से रामलीला मंचन के लिए जारी अनुमति पत्र भी दाखिल किए थे। सत्यप्रकाश सक्सेना ने आपत्ति दाखिल कर कहा था कि तारा सक्सेना जिस जमीन को कमेटी की बता रही हैं उसे उन्होंने बैनामा कर खरीदा है।
कोर्ट ने तत्कालीन नगर मजिस्ट्रेट और अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय की ओर से जारी अनुमति पत्रों को अधूरा माना। इसमें यह जिक्र नहीं था कि रामलीला मंचन किस स्थान पर होगा और शोभायात्रा किस रूट से निकाली जाएगी। इस आधार पर तारा सक्सेना का वाद खारिज कर दिया गया।