बेखौफ डकैतों ने बुधवार रात नौगवां मोहल्ले के एक घर में धावा बोलकर 10 लाख से ज्यादा की लूट कर ली। उन्होंने घर के सभी सदस्यों को बंधकर बनाकर पीटा और इत्मीनान से वारदात की। बदमाश जमीन में गड़ी जेवरों से भरी मटकी भी ले गए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
रामपाल दिवाकर परसाखेड़ा की एक फैक्ट्री में काम करते हैं। उनके दो बेटे अमरपाल और सुखपाल दिल्ली में एक कंपनी में काम करते हैं। बड़ा बेटा धनपाल घर पर ही रहता है। इन दिनों अमरपाल और सुखपाल छोटी बहन रीना की गोद भराई में शामिल होने के लिए परिवार सहित घर आए हैं। बुधवार को आयोजन के बाद घर के सभी सदस्य सो रहे थे। रात लगभग सवा बारह बजे बंदूक और तमंचों से लैस 15-16 नकाबपोश डकैत मकान के पीछे छोड़ी गई दीवार के सहारे छत पर चढ़ गए। मकान में दाखिल होने के बाद असलहों से धमकाकर उन्होंने रामपाल और उनके तीनों बेटों को कब्जे में ले लिया। उनके हाथ बांध दिए। इसके बाद महिलाओं के सारे जेवरात उतरवा लिए। कुछ डकैतों ने महिलाओं से बदसलूकी की कोशिश की पर साथियों के फटकारने पर मान गए। विरोध पर रामपाल, उनकी पत्नी विमला, बेटे धनपाल, बहू पुष्पा को तमंचों की बटों से पीट दिया।
रामपाल अनुसार डकैतों ने करीब सवा घंटे तक दहशत फैलाई। डकैतों का एक साथी किसी से मोबाइल पर बात करता रहा। इसके बाद बदमाशों ने घर में एक जगह दबी मटकी खुदवा ली। इसमें रखे पुराने जेवरात भी निकलवा ले गए। वे अलमारी, संदूक, डबलबैड खंगालकर बेटी की शादी में दहेज को जुटाए गए लाखों के गहने भी लूट ले गए। डकैतों के जाने के बाद गृहस्वामी ने शोर मचाकर पड़ोसियों को जगाया। रात में ही पुलिस आ गई।
रामपाल के मुताबिक डकैत करीब तीस तोला सोने के जेवर, डेढ़ किलो चांदी के जेवर, 1.90 लाख रुपये कैश, दो मोबाइल और एक कैमरा लूट ले गए हैं। पुलिस मुकदमा दर्ज कर सुरागकशी में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि वारदात में किसी स्थानीय व्यक्ति या परिचित का ही हाथ हो सकता है।