मुख्यमंत्री कार्यालय ने लिया था संज्ञान, तब हुई मामले में कार्रवाई
नवंबर व दिसंबर में भ्रष्टाचारियों के खुलासे को लेकर अमर उजाला में प्रकाशित हुई खबरों का शासन ने तक संज्ञान लिया था। इसी मामले का मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया तो 16 दिसंबर 2024 को परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव ने मामले में जांच के निर्देश दिए थे। इस प्रकरण में रोडवेज कर्मचारियों और अफसरों के खिलाफ मुख्यालय को स्पष्टीकरण भेजने में भी अधिकारियों के पसीने छूट गए थे। वहीं लगभग 150 बसों की मरम्मत के फर्जी बिलों का भी खुलासा किया था।
पांच माह के बाद हो सकी कार्रवाई
दरअसल रोडवेज में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर बसों इंटन, गियर बॉक्स, पंप बदलने से लेकर बसों के अनुबंध नवीनीकरण के नाम पर घूसखोरी के मामलों का खुलासा किया गया था। इसके अलावा फर्जी बिलों के माध्यम से बसों की मरम्मत का भुगतान के प्रकरण को भी साक्ष्य सहित साबित करते हुए खबर को प्रकाशित किया था। पिछले साल नवंबर और दिसंबर में इन खबरों को लगातार प्रकाशित करने के बाद ही प्रकरण में जांच बैठी थी। अब पांच माह बाद इन मामलों में कार्रवाई शुरू हो सकी है।