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पीपीपी माडल पर बनेगा सेटेलाइट पर आधुनिक बस स्टेशन

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बरेली। सेटेलाइट स्टैंड की जगह पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी मॉडल पर बहुमंजिला बस स्टेशन बनाने का खाका तैयार हो गया है। करीब 29 हजार वर्गमीटर एरिया में प्रस्तावित इस अत्याधुनिक बस स्टेशन में भूतल पर विशाल पार्किंग होगी जबकि ऊपरी मंजिलों पर विभिन्न कार्यालयों और व्यावसायिक उपक्रमों को जगह दी जाएगी। इसके अलावा इस विशाल परिसर में कर्मचारियों के लिए आवास भी बनाए जाएंगे। सेटेलाइट के अलावा बरेली में ऐसा ही एक और बस स्टेशन बनाने की योजना है। इसके लिए जगह तलाश की जा रही है।
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उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के उच्चाधिकारी उम्मीद जता रहे हैं कि सेटेलाइट पर यह अत्याधुनिक बस स्टेशन अगले दो सालों में तैयार हो जाएगा। दरअसल पीपीपी मॉडल पर इस तरह के बस स्टेशन बरेली के अलावा यूपी के 20 से ज्यादा शहरों में बनाए जाने हैं। परिवहन निगम के मुख्यालय से सभी शहरों के क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालयों से इसका पूरा ब्योरा भी जुटा लिया गया है। बताया जा रहा है कि जल्द ही निर्माण शुरू करने के लिए ऑनलाइन टेंडर होंगे और इसी के साथ निवेशकों से भी प्रस्ताव मांगे जाएंगे। यह प्रक्रिया अगले कुछ महीनों में ही पूरी कर लिए जाने का लक्ष्य है। अनुमान जताया जा रहा है कि टेंडर और निवेशकों के चयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बस स्टेशन के निर्माण में करीब डेढ़ साल का वक्त और लगेगा।
नक्शे में कर्मचारियों के आवास भी शामिल
सेटेलाइट बस स्टेशन के पीछे फिलहाल रोडवेज के 36 कर्मचारी आवास हैं जिन्हें अत्याधुनिक बस स्टेशन के नक्शे में शामिल किया गया है। इसके साथ क्षेत्रीय कार्यालय का हिस्सा भी प्रस्तावित प्रोजेक्ट के दायरे में है। बस स्टेशन, कर्मचारी आवास और आसपास खाली भूमि मिलाकर 29 हजार वर्ग मीटर पर आधुनिक स्टेशन बनेगा। मौजूदा सर्किल रेट के हिसाब से इस प्रोजेक्ट में शामिल जमीन की कीमत करीब दो सौ करोड़ रुपये आंकी गई है।
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इन शहरों में बनने हैं बस स्टेशन
बरेली, आगरा, कौशांबी, कानपुर, गाजियाबाद, बुलंदशहर, मथुरा, बनारस, लखनऊ, मेरठ, अलीगढ़, अयोध्या, गोरखपुर और प्रयागराज परिक्षेत्र स्थित दो दर्जन स्थानों पर पीपीपी मॉडल के तहत अत्याधुनिक बस स्टेशन बनाए जाने हैं। परिवहन निगम ने इसकी तैयारी तेज कर दी है।

कर्मचारी परेशान.. बस स्टेशन बनने तक हम कहां जाएं
सेटेलाइट बस स्टेशन के पीछे फिलहाल कर्मचारियों के 36 आवास बने हुए हैं जिनमें रोडवेज कर्मियों के परिवार रह रहे हैं। अत्याधुनिक बस स्टेशन के निर्माण के दौरान इन कर्मचारी परिवारों को यहां से शिफ्ट करने की योजना है। इसके लोकर कर्मचारी परेशान हैं। अफसरों के सामने वे सवाल उठा रहे हैं कि बस स्टेशन बनने में सालों लगेंगे, इस दौरान वे कहां अपने रहने का बंदोबस्त करें।

पीपीपी मॉडल पर अत्याधुनिक बस स्टेशन का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। यह प्रोजेक्ट करीब 29 हजार वर्ग मीटर पर बनना प्रस्तावित है। परिवहन निगम मुख्यालय से जो सूचनाएं मांगी जा रही हैं, उन्हें तत्काल उपलब्ध कराया जा रहा है। - एसके बनर्जी, आरएम रोडवेज

सेटेलाइट पर आधुनिक बस स्टेशन बने लेकिन कर्मचारी आवासों ध्वस्त होने से बचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था किया जाना भी जरूरी है। परिवहन निगम के प्रबंधन से आग्रह किया है कि दूसरे उपयुक्त स्थान पर आवास पहले बनाए जाएं ताकि कर्मचारी वहां शिफ्ट हो जाएं। - रविंद्र कुमार, कर्मचारी नेता
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