बरेली। सरकारी विभागों की ओर से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) नहीं मिलने और कहीं भूमि अधिग्रहण की बाधा के चलते कई परियोजनाएं अटक गई हैं। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की एनओसी नहीं मिलने से 150 करोड़ की सड़क परियोजना (भमोरा-शाहाबाद बिलारी राज्यमार्ग के तीन किलोमीटर हिस्से का चौड़ीकरण) अटक गई है। अब शासन ने इसकी रिपोर्ट तलब की है।
अड़चनों को दूर कराया जाएगा। हर सप्ताह इन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा होगी। देरी पर जवाबदेही तय होगी। इसको लेकर पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता ने अधीक्षण और अधिशासी अभियंताओं के साथ बैठक की है।
भमोरा-शाहाबाद बिलारी राज्यमार्ग (एसएच 125) के 46.7 किलोमीटर हिस्से के लिए 150 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे। मार्ग को सात से दस मीटर चौड़ा किया जाना था।
लोक निर्माण विभाग ने 30 सितंबर 2023 को ठेकेदार से अनुबंध किया, पर जमीन अब तक उपलब्ध नहीं हो सकी। नतीजा, सैदा वन क्षेत्र में तीन किलोमीटर हिस्से का चौड़ीकरण नहीं हो सका है। लोग गड्ढे से होकर खतरे भरा सफर कर रहे हैं। जिम्मेदार एनओसी का इंतजार कर रहे हैं। मुख्य अभियंता अजय कुमार का कहना है कि अड़चनों को दूर कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। ब्यूरो