बरेली। ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद सोमवार से परिषदीय विद्यालयों में पठन-पाठन शुरू हो जाएगा। शासन स्तर से पहला दिन उत्सव की तरह मनाने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन नगर क्षेत्र के ही कई विद्यालयों में स्कूल तक जाने का मार्ग बदहाल स्थिति में है। ग्रामीण क्षेत्र में हाल और बुरा है। बारिश के चलते कई जगह जलभराव भी है। ऐसे में विद्यार्थियों को विद्यालय पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय चीनी मिल में बैठने के लिए बच्चों के पास मेज-कुर्सी तक नहीं है। उन्हें टिनशेड के नीचे फर्श पर बैठकर ही पढ़ाई करनी पड़ती है। स्कूल तक जाने वाला रास्ता भी गंदगी से भरा हुआ है। जगह-जगह जलभराव होने से विद्यालय जाने में बच्चों को खासी परेशानी होती है। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय एनई रेलवे में बिजली और पानी की आपूर्ति नहीं है।
यहां भी विद्यार्थियों को बाहर टिनशेड के नीचे बैठकर पढ़ना होता है। वर्तमान में यहां के मैदान में निर्माण कार्य चल रहा है। ऐसे में विद्यालय तक पहुंचना बच्चों के लिए परेशानी बनेगा। वहीं, खुर्रम गौटिया के प्राथमिक विद्यालय वाले मार्ग पर कुछ देर बारिश में ही जलभराव हो जाता है। इससे गोबर और गंदगी विद्यालय गेट तक पहुंच जाती है।
विद्यालयों में मनाया जाएगा स्वागत उत्सवग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद सोमवार से जिले के परिषदीय, माध्यमिक व अधिकांश सीबीएसई स्कूल खुलेंगे। परिषदीय विद्यालयों में एक जुलाई से स्कूल चलो अभियान चलाया जाएगा। नव प्रवेशित बच्चों का स्वागत उत्सव मनाया जाएगा। स्कूल सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक संचालित किए जाएंगे। नए सत्र में निर्धारित 12 पंजिकाओं का डिजिटलाइजेशन कराया जाएगा। इसमें प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में मध्याह्न भोजन और विद्यार्थी उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। इसके लिए प्रेेरणा पोर्टल पर डिजिटल रजिस्टर पर जानकारी अपलोड करनी होगी। संवाद