बरेली। स्वालेनगर में शनिवार देर रात हुए हादसे ने रोड इंजीनियरिंग और सरकारी तंत्र की बेपरवाही की पोल खोल दी। एआरटीओ प्रवर्तन वैभव श्रोती ने यातायात पुलिस के साथ मौके पर पहुंचकर जांच की। प्रथम दृष्टया उन्होंने तेज गति, टूटी सड़क, झपकी आने और सड़क पर खड़े पेड़ को हादसे की वजह मानते हुए रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। वन विभाग व पीडब्ल्यूडी की तकनीकी लड़ाई में यह पेड़ सड़क पर खड़ा है। तीन मौतों के बाद अब अफसर एक-दूसरे को जिम्मेदार बता रहे हैं।
हादसे में क्षतिग्रस्त कार के आगे की स्थिति को देखकर साफ पता चल रहा है कि वह 80 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार में रही होगी। बोनट व इंजन में पेड़ की लकड़ी घुस गई है। हादसा सीसी फुटेज में भी कैद हुआ है। इससे वाहन की गति का अंदाजा लगाया जा सकता है। घटनास्थल के आसपास सड़क भी टूटी हुई है। घटनास्थल से पहले एक तो आगे दो पेड़ सड़क की ओर लटक रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह मार्ग वर्ष 2017 से पहले सपा सरकार में बना था। यहां आए दिन हादसे होते रहते हैं, लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं देते। पीडब्ल्यूडी का दावा है कि सड़क निर्माण के दौरान पेड़ कटवाने के लिए एनओसी मांगी गई होगी। अनुमति किन कारणों से नहीं मिली, यह जांच का विषय है। दूसरी ओर वन विभाग का कहना है कि एक साथ कई पेड़ों की काटने के लिए लाट बनती है। यह कैसे छूट गया, यह भी जांच का विषय है।
शिकायत के बाद भी की जाती रही अनदेखी
सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर रहमत हुसैन ने बताया कि इसी पेड़ से एक माह पहले एक डीसीएम टकराई थी। उसमें बैठे लोग घायल हुए थे। इसे प्रशासन के संज्ञान में लाया गया। कई बार पेड़ काटने के लिए शिकायत भी की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सड़क का चौड़ीकरण तो कर दिया गया, लेकिन सड़क पर व किनारे लटक रहे चार पेड़ों को नहीं कटवाया गया। इसी वजह से यह बड़ा हादसा हुआ।
इन सवालों का गोलमोल जवाब दे रहे अफसर
- सड़क चौड़ीकरण के दौरान पेड़ की कटाई क्यों नहीं की गई?
- पेड़ को हटाए बिना इस मार्ग को चालू कैसे कर दिया गया?
वर्जन आमने-सामने लगाएं।
सड़क के चौड़ीकरण के लिए पेड़ों के चिंह्नीकरण का काम पीडब्ल्यूडी व वन विभाग संयुक्त रूप से करते हैं। इसके बाद वन विभाग पेड़ों को काटने के लिए एनओसी देता है। तब वन निगम पेड़ों की कटाई करता है। - भगत सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड
सड़कों के चौड़ीकरण के दौरान जद में आने वाले सभी पेड़ों की लाट एक साथ बनती है। इसके बाद सभी की कटाई की जाती है। स्वालेनगर में एक पेड़ कैसे छूट गया, यह तो जांच का विषय है। - विमल भारद्वाज, उप प्रभागीय वनाधिकारी