अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। सीवर लाइन निर्माण से जर्जर हुई सड़क का निर्माण कार्य जिला अस्पताल के प्रवेश द्वार पर शुरू हो गया है। लिहाजा, बृहस्पतिवार को इलाज कराने पहुंचे मरीजों को परेशान होना पड़ा। इस कारण एंबुलेंस भी फंसी रही। घंटाघर रोड पर भी रुक-रुककर जाम लगता रहा।
जिला अस्पताल की 40 साल पुरानी खराब सीवर लाइन को हटाकर नई लाइन बिछाने का कार्य पिछले साल शुरू हुआ था। सड़कों की खोदाई के चलते मरीजों को इलाज के लिए एक से दूसरी जगह आवागमन में दिक्कत थी। बीते दिनों अस्पताल परिसर की इमरजेंसी, ऑपरेशन थिएटर, पैथोलॉजी, ओपीडी, दवा-पर्चा काउंटर, सीएमस, सीएमओ कार्यालय की ओर सड़क निर्माण किया गया। अब मुख्य प्रवेश द्वार पर सड़क निर्माण जल निगम ने शुरू कराया है। आधी सड़क पर निर्माण कार्य होने से आधे से ही आवाजाही के चलते आवागमन प्रभावित रहा।
एडी एसआईसी डॉ. अलका शर्मा के मुताबिक सीसी सड़क निर्माण के बाद उसकी मजबूती के लिए पानी का भराव किया जाएगा। करीब दो दिन तक आवागमन प्रभावित हो सकता है। हालांकि, ठेकेदार को जितना हो सके तेजी से कार्य पूरा करने के लिए कहा है। ताकि मरीज परेशान न हों।
लिफ्ट से पुरानी बिल्डिंग तक रही आवाजाही
जिला अस्पताल से पुराने भवन के वार्ड में पहुंचने के लिए बृहस्पतिवार को स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बनाए गए फुट ओवरब्रिज और लिफ्ट से मरीजों को भर्ती करने के लिए स्टाफ का आवागमन जारी रहा। हालांकि, जो लोग इस सुविधा से अनजान रहे, वे पैदल ही जाम से गुजरते रहे।
आधे दिन की ओपीडी में पहुंचे चार सौ मरीज
बुद्ध पूर्णिमा के चलते जिला अस्पताल में आधे दिन की ओपीडी रही, लेकिन भीषण गर्मी की चपेट में आने से इलाज के लिए मरीजों की कतार रही। सुबह 11 बजे तक पर्चे बने और दोपहर 12 बजे तक ओपीडी में मरीज देखे गए। इसमें सबसे ज्यादा उल्टी, दस्त, आंख, त्वचा के मरीज रहे।
नहीं थम रहा डायरिया का हमला
जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में डायरिया की चपेट में रहे पांच बच्चे बृहस्पतिवार को भर्ती हुए। वार्ड फुल होने से चार बेड के नए वार्ड में भी बच्चों को भर्ती कर इलाज किया गया। एडी एसआईसी डॉ. अलका के मुताबिक सीमित संसाधन में बच्चों को बेहतर इलाज मुहैया कराया जा रहा है।