बरेली। जुलूस-ए-मोहम्मदी के दौरान बवाल होने के बाद रजवी और सकलैनी सिलसिले में तनाव बरकरार है। सकलैनियों ने मेडिकल कराने के बाद कोतवाली में तहरीर दी है। उधर, मारपीट में जख्मी रजवी सिलसिले के शब्बू की तरफ से भी पुलिस ने तहरीर ले ली है, लेकिन सुलह की उम्मीद में अब तक किसी तरफ से मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। आला अफसरों के आदेश पर शहर में रजवी और सकलैनी सिलसिले की मिश्रित आबादी के इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
बृहस्पतिवार को जुलूस-ए-मोहम्मदी के दौरान अंजुमनों को रोकने को लेकर कुतुबखाना में बवाल होने पर दोनों पक्षों के करीब सत्रह लोगों को चोट आई थी। तहरीर देने के बाद आधी रात को सकलैनी सिलसिले के अबूजर रहमानी, मोहम्मद वाहिद शेख, तफदुल्ल सकलैनी, अरशद खां, मोहम्मद आकिब, शुएब, अलीनूर, अनीस, अब्दुल शेख और सरताज आदि बारह लोगों ने जिला अस्पताल में मेडिकल कराया है। शहर में जुलूस-ए-मोहम्मदी की अगुवाई करने वाली अंजुमन खुद्दाम-ए-रसूल के महासचिव सलीम नूरी भी घटना के बाद से ही सकलैनियों द्वारा रजवियों पर हमला करने के आरोप लगा रहे हैं। लाल मस्जिद के रहने वाले डॉक्टर सरताज के चौदह साल के बेटे आरिश को पीटकर जख्मी किया गया है। अंजुमन गुलामाने रजा के साथ मोहल्ला बिसाती का शब्बू अपनी दो साल की बेटी को लेकर टाटा मैजिक पर बैठे थे। आरोप है कि मैजिक पर हमला कर सकलैनियों ने उनके साथ मारपीट कर दी। शीशा टूटने से उनकी बच्ची का हाथ कट गया है। यह भी आरोप लगाया गया कि सकलैनियों की हरकत की वजह से जुलूस में शामिल होने आए एक व्यक्ति की हार्ट अटैक से जान भी चली गई। पुलिस का दावा है कि शब्बू की तरफ से भी तहरीर आ गई है। हालांकि, सलीम नूरी तहरीर दिए जाने से इनकार कर रहे हैं। घटना के बाद से दोनों सिलसिलों के लोगों में अब भी तनाव है। इसके चलते पुलिस ने सकलैनी और रजवी की मिश्रित आबादी वाले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है।
सुलह के लिए हमारे दरवाजे हमेशा खुले हैं
नबीर-ए-आला हजरत मौलाना तसलीम रजा खां ने प्रेस को जारी बयान में कहा है कि हमारे नबी सरकारे दो आलम दुनिया में इत्तेहाद का पैगाम लेकर आए थे। सुन्नियों के इत्तेहाद के लिए हमारे घर के दरवाजे हमेशा खुले हैं। इसके लिए हमारी कोशिश हमेशा जारी रहेगी। पिछले दिनों रजवी और सकलैनी सिलसिले के लोगों के गिले-शिकवे दूर कराकर इत्तेहाद के साथ रहने को पहल की थी। वह खुद पहले अस्पताल में भर्ती सकलैनी सिलसिले के लोगों को देखने गए। इसके बाद दरगाह शाह शराफत मियां पर हाजिरी देकर मुमताज मियां से भी मुलाकात की थी। अफसोस की बात यह है कि सरकार के जुलूस में जो हुआ वह ठीक नहीं है।
पुलिस ने हमारे मेहमानों को पीटा
दरगाह हजरत शाह शराफत मियां के प्रबंधक हाजी मुमताज मियां ने कहा कि पुलिस ने टीटीएस के लोगों द्वारा अंजुमनों को रोकने का विरोध करने पर उनके मेहमानों को पीटा। उनके साथ गाली-गलौज भी की गई। इससे यह बात भी साफ हो गई है कि कोई भी किसी रोड से जुलूस निकाल सकता है। जिन सकलैनियों को चोट लगी है, उनका मेडिकल कराने के बाद अभी हम सब्र करके बैठे हैं। अधिकारियों के फोन भी आ रहे हैं। कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। एक बैठक और होनी है। उसमें जो फैसला होगा, उसी के हिसाब से आगे की कार्रवाई होगी।
- जुलूस-ए-मोहम्मदी में विवाद के मामले में दोनों पक्षों की तहरीर मिली है। जांच कराई जा रही है। साथ ही दोनों पक्षों में सुलह की बात चल रही है। इसके बाद भी आला अधिकारी जो आदेश करेंगे, उसी हिसाब से आगे की कार्रवाई होगी - मुकुल कुमार द्विवेदी, एएसपी।