बरेली। तापमान में उतार-चढ़ाव और बारिश के बाद जगह-जगह जलभराव की वजह से जरा सी बेपरवाही सेहत पर भारी पड़ रही है। सोमवार को सरकारी अस्पतालों में ओपीडी से लेकर दवा काउंटर तक कतार दिखी। पैथोलॉजी जांचें भी सामान्य दिनों से करीब 20 फीसदी अधिक हुईं।
रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी खुलने से पहले ही पर्चा काउंटर पर कई मरीज पहुंच गए थे। दोपहर दो बजे तक 1800 नए पर्चे बने। 600 मरीज पुराना पर्चा लेकर परामर्श के लिए पहुंचे थे। फिजियोथेरेपी सेंटर, बच्चा वार्ड में भी बिना पर्चा परामर्श और इलाज के लिए करीब दो सौ लोग पहुंचे।
फिजिशियन डॉ. राहुल वाजपेयी के मुताबिक, तापमान में बदलाव के दौरान जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, वे बैक्टीरियल और वायरल बीमारियों की चपेट में जल्दी आते हैं। इन दिनों अस्पताल आने वालों में बुजुर्ग और बच्चों की संख्या अधिक है।
बताया कि कई मरीजों में बुखार के साथ ही पेट संंबंधी समस्याएं भी रहीं। इसलिए बायोकेमिस्ट्री, केएफटी, एलएफटी जांच का परामर्श दिया गया। पैथलैब में सोमवार को करीब 400 लोगों की जांच के लिए सैंपल लिया गया। मरीजों को मेसेज से शाम तक रिपोर्ट भेज दी गई। मैन्युअली मंगलवार को रिपोर्ट मिलेगी।
बच्चों में तेज बुखार और निमोनिया, डायरिया के लक्षण
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप गुप्ता के मुताबिक, सोमवार को करीब ढाई सौ बच्चों की जांच की गई। बुखार की चपेट में आने वाले कई बच्चों में निमोनिया और डायरिया के संदिग्ध लक्षण भी मिले। जिन बच्चों की हालत गंभीर मिली उन्हें भर्ती किया गया। बताया कि बारिश में भीगने, रात को बिना चादर के सोने और शीतल पेय और खाद्य पदार्थों का सेवन बीमारी की वजह बन रहा है।
316 लोगों को लगी एआारवी, नेत्र रोग ओपीडी घटी
तीन सौ बेड अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को करीब आठ सौ पर्चे बने। इनमें 316 पर्चे रेबीज लगवाने के लिए बने थे। फिजिशियन डॉ. सतीश चंद्रा ने बताया कि जो मरीज आए उनमें ज्यादातर बुखार और शरीर में दर्द के रहे। जिला अस्पताल में नेत्र रोग ओपीडी शुरू होने से तीन सौ बेड अस्पताल में कतार बीते सोमवार से कम रही। पैथोलॉजी में 68 मरीजों की जांच के लिए सैंपल लिए गए।