शेखर, अनस, समीर व चंदन को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, जबकि बिहारी सोनकर, राजा उर्फ कपिल व अभय ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। विवेचक इंस्पेक्टर अरविंद सिंह ने बताया कि बयान एवं साक्ष्य संकलन के साथ ही आरोपियों से पूछताछ में यह पता लगा कि गौरव गोस्वामी को गोली बिहारी उर्फ निशांत सोनकर ने ही मारी थी।
विवेचक ने जेल में उसके बयान दर्ज किए। साथ ही न्यायालय से उसका रिमांड मांगा। कोर्ट ने तीन नवंबर को पांच घंटे का पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर किया। पुलिस ने बिहारी उर्फ निशांत सोनकर को रिमांड पर लेकर उनकी निशानदेही पर एक तमंचा व उसमें फंसा खोखा खुर्रम गौंटिया के कब्रिस्तान के पास से बरामद किया था। इस बरामदगी की वीडियोग्राफी कराई गई थी।