12 विशेषज्ञों की टीम ने की घर वापसी, महज एक एक्सपर्ट के भरोसेे बाघिन का रेस्क्यु
बरेली/फतेहगंज पश्चिमी। करीब दो हफ्तों से बाघिन को पकड़ने का प्रयास कर रही टीम को अब तक सफलता नहीं मिली है। वहीं मंगलवार को हुई तेज बारिश ने बची खुची उम्मीद पर भी पानी फेर दिया। फैक्टरी में जगह-जगह पानी भर जाने से बाघिन को ट्रेस करना अब मुश्किल हो रहा है। इसके अलावा विशेषज्ञों की टीम भी मंगलवार को झमाझम बारिश के चलते फैक्टरी नहीं पहुंची।
करीब तीन दिन पहले हुई बारिश के बाद रेस्क्यु प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही थी। हालांकि दो दिनों तक रह रहकर हो रही बारिश के बाद भी टीम बाघिन को ट्रेस करने में जुटी रही। मंगलवार को अभियान ठप रहा। बाघिन को पकड़ने के लिए विशेषज्ञों की टीम जंगल ही नहीं पहुंची। बताया जा रहा है कि तीन दिनों से हो रही बारिश से फैक्टरी में जगह-जगह पानी भर गया है, जिसके चलते टीम फैक्टरी नहीं पहुंची। वहीं, मौसम विभाग ने भी फिलहाल और बारिश होने की उम्मीद जताई है, जिसे देखते हुए रेस्क्यु कुछ दिनों तक प्रभावित होने की आशंका है। यहां बता दें कि सोमवार को 12 विशेषज्ञ मौसम का खराब रुख जानकर वापस लौट गए हैं। कानपुर से आए एक्सपर्ट डॉ. आरके सिंह आगे के अभियान को गति दे रहे हैं।
तीन रेंज में बांधे गए पड्डे भी हटाए गए
फैक्टरी के जंगल में बनाई गई चार रेंज में से अब एक ही बची है। तीनों रेंज से अफसरों के निर्देश पर बांधे गए शिकार को भी वापस मंगा लिया गया है। केवल कोयला प्लांट में रेलवे इंजन के पास एक पड्डे को खुले में बंधा छोड़ दिया गया है। अफसरों के नहीं पहुंचने से कैमरे चेक नहीं हो सके। डॉ. आरके सिंह ने बताया की बारिश होने से बाघिन पकड़ने का ऑपरेशन प्रभावित जरूर हुआ है, लेकिन सटीक लोकेशन मिलने पर बाघिन को बेहोश किया जाएगा।
रेस्क्यु में लापरवाही की सीएम से शिकायत
पीएफए वाइल्ड लाइफ सोसायटी के सचिव सतीश यादव ने सीएम को ज्ञापन भेजकर वन विभाग के अफसरों पर बाघिन के रेस्क्यु में लापरवाही का आरोप लगाया है। सोसायटी ने बारिश का बहाना बनाकर रेस्क्यु से अफसरों को बचने का आरोप लगाया है। साथ ही, रेस्क्यु के बाद उसे चिड़ियाघर न भेजने की मांग की है। कहा, रेस्क्यू टीम अगर वापस गई तो मुख्य वन संरक्षक के कार्यालय पर धरना और आंदोलनात्मक की चेतावनी दी है।