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Bareilly News: सनराइज अस्पताल के डॉक्टर और मैनेजर पर रिपोर्ट दर्ज, कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई; जानें मामला

Fri, 12 Dec 2025 10:32 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में मरीज की मौत के मामले में पुलिस ने सनराइज अस्पताल के डॉक्टर और मैनेजर के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने यह कार्रवाई की। भमोरा थाना पुलिस मामले की जांच करेगी। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में सौफुटा रोड स्थित सनराइज अस्पताल में सवा महीने पहले मरीज की मौत के मामले में कोर्ट के आदेश पर भमोरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। महिला ने आयुष्मान कार्ड से इलाज के बाद भी पहले जमा कराए रुपये न लौटाने और लापरवाही का आरोप लगाया है। अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को निराधार बताया है।

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भमोरा थाना प्रभारी सनी चौधरी ने बताया कि भमोरा के गांव झिझरी निवासी लक्ष्मी देवी ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि पति उवैश कुमार की 25 सितंबर 2025 को हालत बिगड़ी थी। उन्हें सनराइज मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया था। अस्पताल प्रबंधक सोहेल खान ने कहा कि आयुष्मान से इलाज होगा, कोई रुपया नहीं देना पड़ेगा। हालांकि दो घंटे बाद ही रुपये मांगने शुरू कर दिए। 

महिला ने कर्ज लेकर अस्पताल को कई बार में 5,33,500 रुपये दिए। दो अक्तूबर को पति की मौत हो गई। महिला का आरोप है कि वह रोने लगी तो अस्पताल वालों ने कहा कि सारा रुपया लौटा देंगे और सरकार से भी पांच लाख रुपये दिलवा देंगे। परिवार के सदस्यों से कागजों पर अंगूठे लगवा लिए तो बिना पोस्टमॉर्टम कराए परिवार ने अंतिम संस्कार कर दिया।

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थाने से एसएसपी तक से की शिकायत, नहीं हुई कार्रवाई 
महिला ने बताया कि अस्पताल वालों ने 13 अक्तूबर को नगर निगम से मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाकर दिया, लेकिन इलाज की रकम नहीं लौटाई। उन्होंने थाने से लेकर एसएसपी तक से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरी में वह कोर्ट गईं। भमोरा थाना प्रभारी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर डॉ. रेहान खान व मैनेजर सोहेल खान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है, उच्चाधिकारियों के आदेश पर आगे कार्रवाई की जाएगी।

अस्पताल प्रबंधन पर लगे थे आरोप, जांच में खारिज हुआ मामला
करीब 15 दिन पहले दूसरे अस्पताल से आए मरीज को सनराइज अस्पताल के गेट पर ही मृत घोषित कर दिया गया था। तब परिजन उसका शव लेकर चले गए थे। इस दौरान अस्पताल के प्रबंधक सोहेल खान व एक कथित मीडियाकर्मी की बहस हो गई थी। गेट पर ही हुए इस विवाद का वीडियो वायरल हो गया था। मीडियाकर्मी व अस्पताल प्रबंधन ने एक-दूसरे के खिलाफ इज्जतनगर थाने में तहरीर दी थी। इज्जतनगर थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह ने दोनों पक्षों के आरोपों की जांच कराई थी, मामला निराधार पाने पर दोनों के दावे खारिज कर दिए थे।
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सनराइज अस्पताल के संचालक डॉ. रेहान खान ने बताया कि मरीज जब हमारे यहां भर्ती हुआ तो उसकी हालत बेहद खराब थी। उसके इलाज में एक लाख साठ हजार रुपये का खर्च आया। परिवार ने 95 हजार रुपये जमा किए थे। मरीज की मौत के बाद बाकी बचे 65 हजार रुपये माफ करके शव परिवार को दे दिया था। परिवार ने तब अंतिम संस्कार भी कर दिया। कुछ लोगों ने अस्पताल की साख खराब करने की कोशिश में मरीज के परिवार को भड़काया है। सभी आरोप निराधार हैं, विवेचना में सब स्पष्ट हो जाएगा।

मृतक के परिवार से मिले अनुसूचित जाति के सदस्य
सनराइज अस्पताल प्रकरण में अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के सदस्य उमेश कठेरिया ने मृतक टीटू वाल्मीकि के घर पहुंच कर संवेदना व्यक्त की और संभव मदद का आश्वासन दिया। समाज कल्याण अधिकारी से बात कर पीड़ित को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए कहा। कहा कि यह गंभीर मामला है जो प्राइवेट एंबुलेंस चालकों व निजी अस्पताल संचालकों के रैकेट को उजागर करता है। 
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