रिपोर्ट में यह जिक्र किया
रीना सिंह ने रिपोर्ट में जिक्र किया है कि उनके परिवार का मोहल्ले के सौरभ राठौर और उसके साथियों से पुराना विवाद चल रहा है। रविवार शाम पति लखन जब स्कूटी से घर लौट रहे थे, तब आरोपियों ने उन्हें रोककर हमला किया। लखन के भाई सूरजभान, प्रेमपाल, और दरबारीलाल ने जब बीचबचाव की कोशिश की तो डंडों और तमंचों से हथियारों से हमला किया गया।
जोगी नवादा चौकी प्रभारी ने नहीं सुनी, पीआरवी पहले पहुंची
महिला वकील रीना सिंह ने गोलीकांड में जोगी नवादा चौकी प्रभारी की भूमिका पर सवाल उठाए। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि चौकी व थाना पुलिस के संरक्षण में ही अभ्यस्त अपराधियों ने इस हमले की हिमाकत की।
हालांकि कहा कि अधिकारियों से उन्हें न्याय की उम्मीद है। रीना सिंह ने बताया कि चौकी प्रभारी अनूप सिंह उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते हैं। उनके मोबाइल में उनका नंबर भी सेव है। इसलिए गोलीकांड के दौरान सबसे पहले उन्हीं को कॉल की थी।
बावजूद उन्होंने घटना को हल्के में लिया और कहा कि देखते हैं। तब उन्होंने यूपी 112 को कॉल की। वह मौके पर पहले आ गई और चौकी प्रभारी काफी देर बाद सीधे थाने ही पहुंचे। आरोप लगाया कि दो साल पहले से उनकी ओर से जानलेवा हमले का केस दर्ज है।
राजनीतिक रसूख के दम पर अपराधी लगातार उनके परिवार को धमकाते रहते हैं, लेकिन शिकायत पर स्थानीय पुलिस कभी गौर ही नहीं करती। आरोपियों पर निरोधात्मक कार्रवाई की होती तो ये घटना नहीं होती।
ऑपरेशन कर गोली निकाली
घटना में घायल प्रेमपाल का निजी अस्पताल में ऑपरेशन किया गया और उनके पेट से गोली निकाली गई। पीतल का कारतूस तमंचे से चला बताया जा रहा है। अन्य घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में उनके कई ठिकानों व रिश्तेदारों के यहां दबिश दी लेकिन सभी फरार हो गए। आशंका जताई जा रही है कि आरोपी उत्तराखंड भाग गए होंगे। मौके की सीसीटीवी फुटेज से अज्ञात हमलावरों की पहचान की जा रही है। घटना के दौरान इस्तेमाल की गई एक कार को पुलिस ने बरामद किया है।