भोजीपुरा। गांव मझौआ गंगापुर में गन्ने के खेत में संरक्षित पशु के अवशेष मिलने के बाद हिंदूवादी संगठनों से जुड़े लोगों ने हंगामा कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस से भी उनकी बहस हुई। पुलिस मामले में अज्ञात मांस तस्करों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी में है। पशु चिकित्सक से नमूना भरवाने के बाद पुलिस ने गड्ढा खोदवाकर अवशेष को दफन करा दिया।
हिंदू युवा वाहिनी के भरत पटेल ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से उन्हें पशु अवशेष गन्ने के खेत में पड़े होने की सूचना मिली थी। जब वह गांव पहुंचे तो एक ईंट भट्ठे के पीछे स्थित जानकी प्रसाद के गन्ने के खेत में पशु अवशेष मिले। मौके पर रामप्रकाश कश्यप, अरुण कुमार गंगवार, देवपाल मौर्य, महीपाल गंगवार, गोविंद रस्तोगी, विजय मौर्य आदि पहुंच गए।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद अवशेष संरक्षित पशु के होने की बात कही। इसके बाद पशु चिकित्सक को बुलाया गया। मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर तस्करी के मामलों में प्रभावी कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। कहा कि पुलिस की हीलाहवाली की वजह से ही मांस तस्करों के हौसले बुलंद हैं। क्षेत्र में आए दिन संरक्षित पशुओं की हत्या की घटनाएं हो रही हैं।
पुलिस ने अवशेष पुराने होने की बात कही तो कार्यकर्ता और बिफर गए। प्रभारी निरीक्षक ने कार्रवाई का आश्वासन दिया तो आक्रोशित कार्यकर्ता शांत हुए। प्रभारी निरीक्षक भोजीपुरा प्रवीन सोलंकी ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। जल्द ही खुलासा किया जाएगा।