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कावड़ियों के निकलने के दौरान पुलों पर खतरे के काम नहीं होंगे

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बरेली। सावन भर कांवड़ियों की सुरक्षा का मसला अफसरों की सर्वोच्च प्राथमिकता पर रहेगा। जिला प्रशासन इसको लेकर इस कदर अलर्ट हैं कि कांवड़ियों के जत्थे गुजरने के दौरान सेतु निगम को शहर में निर्माणाधीन पुलों पर ऐसे सभी काम रोकने का आदेश दिया गया है, जिनकी वजह से कोई हादसा होने का जरा भी जोखिम है। डीएम की ओर से जारी यह आदेश मिलने के बाद सेतु निगम ने भी अपने स्टाफ को अलर्ट कर दिया है। लाल फाटक, चौपुला और सेटेलाइट चौराहे पर निर्माणधीन पुलों पर काम कर रहे इंजीनियरों को इस मामले में अत्यधिक सतर्कता बरतने को कहा गया है।
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दरअसल, लाल फाटक और आईवीआरआई ओवरब्रिज पर ऐसी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इसी वजह से प्रशासन का ध्यान इस तरफ गया है। लाल फाटक और सेटेलाइट चौराहे पर ज्यादा खतरा माना जा रहा है। सेटेलाइट पुल की सर्विस लेन पक्की न होने के कारण बारिश में इस रास्ते पर कीचड़ भर जाता है। इससे गाड़ियों के धंसने और पलटने का खतरा रहता है। उधर, जल लेने को कछला जाने के लिए भी बड़ी संख्या में कांवड़िये हर दिन लालफाटक रोड से गुजरते हैं। यहां ओवरब्रिज के बीम और छत बनाने का काम चल रहा है। करीब दो महीने पहले ओवरब्रिज से लोहे की सरिया नीचे गुजर रहे टेंपो पर गिर गई थी। इस हादसे में उसमें बैठीं सवारियां बाल-बाल बच गई थीं। तेज हवा के झोंके में बोर्ड बैरिकेडिंग गिरने से भी एक राहगीर जख्मी हो चुका है। इन घटनाओं का संज्ञान लेते हुए डीएम ने सेतु निगम के अधिकारियों से कहा है कि कांवड़ियों के निकलते समय एहतियातन ऐसे खतरे वाले कामों को न कराया जाए।
चौपुला रोड पर भी फ्लाईओवर निर्माण के लिए सड़क के बीचोबीच बोर्ड बैरिकेडिंग रखी गई हैं। वेल्डिंग समेत कई तकनीकी काम करने के लिए यहां बिजली के तारों के साथ खतरनाक उपकरण भी रखे रहते हैं। आशंका है कि कांवड़ियों की भीड़ के समय अगर कोई बैरिकेडिंग के अंदर घुस गया तो हादसे का शिकार हो सकता है। आईवीआरआई ओवरब्रिज के पास भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
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सर्विस लेन पर बजरी गिराकर छोड़ दी
सेटेलाइट फ्लाईओवर की सर्विस लेन बनाने के नाम केवल मिट्टी का पटान कर दिया गया है। इस पर कीचड़ न हो इसके लिए सेतु निगम ने बजरी मंगवाकर डलवाई थी लेकिन उसे ढेर लगाकर ऐसे ही छोड़ दिया गया है। तीन-चार दिन गुजरने के बावजूद सर्विस लेन को अब तक दुरुस्त नहीं किया गया है।
कांवड़ यात्रा को देखते हुए डीएम ने पुलों के निर्माण के दौरान खास सतर्कता रखने के निर्देश दिए हैं। स्टाफ से कह दिया गया है कि पुलों को बनाने में ऐसे काम पर ही अभी फोकस रखा जाए, इससे किसी तरह के खतरे की गुंजाइश न हो। -वीके सेन, डीपीएम सेतु निगम
सड़कों पर डीजल-पेट्रोल के टैंकर भी नहीं निकलेंगे
बरेली। सावन के दौरान लाखों कांवड़िये कछला से जल लाकर शहर के शिवालयों में जलाभिषेक करते हैं। इनके आवागमन बरेली-बदायूं हाईवे पर होता है। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस-प्रशासन ने इस दौरान तेल के टैंकरों के आवागमन पर रोक लगा दी है। एसएपी ट्रैफिक की तरफ से तेल कंपनियों के डिपो प्रबंधकों को भी नोटिस दे दिया गया है।
बरेली-बदायूं मार्ग पर सावन के प्रत्येक रविवार और सोमवार को दोपहर 12 बजे तक और 30 जुलाई को शिवरात्रि के दिन को शाम चार बजे तक तेल के टैंकरों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। शनिवार और सोमवार को दोपहर 12 बजे से भमोरा से बरेली आते समय टैंकरों का संचालन दाहिनी लेन और बरेली से भमोरा जाते समय टैंकरों का संचालन बाई लेन से किया जाएगा। एक लेन पर कांवड़ियों का आवागमन होगा। इसके अलावा रामपुर और नैनीताल की ओर जाने वाले टैंकरों का संचालन भमोरा, रामगंगा, बुखारा मोड़ से फरीदपुर होकर किया जाएगा।
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