गम-अंधेरा दूर करने के लिए है जश्न-ए-चिरागां की रस्म
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खानकाह नियाजिया में कल जुटेंगी खानकाही हस्तियां और फनकार
बरेली। खानकाह नियाजिया में जश्न-ए-चिरागां की रिवायती रस्म तीन सौ साल पुरानी है, जो इंसान के गम और जिंदगी के अंधेरों को दूर करने के लिए है। यह दो रोजा जश्न शनिवार से खानकाह में शुरू होने जा रहा है। इसमें शिरकत करने के लिए तमाम दूर दराज की खानकाही हस्तियां और जाने माने फनकार पहुंच रहे हैं।
खानकाह के प्रबंधक मोहम्मद सिबतैन नियाजी उर्फ शब्बू मियां ने खानकाह में प्रेसवार्ता के दौरान यह जानकारी दी। बताया कि 14 और 15 दिसंबर को होने वाले जश्न की तकरीब साहिबे सज्जादा शाह मोहम्मद हसनैन उर्फ हसनी मियां की सरपरस्ती में अदा की जाएंगी। इस दौरान महबूबीन का कुल भी होगा। पिछली साल जायरीन की उमड़ी भीड़ के मद्देनजर खास तौर से महिलाओं के लिए खास इंतेजाम किए गए हैं, ताकि चिरागां में कोई परेशानी न हो। इसे लेकर शब्बू मियां और नायब सज्जादा अल्हाज शाह मेंहदी मियां ने इंतजामियां कमेटी के साथ तैयारियों का जायजा लिया।