बरेली। पीरों के पीर हजरत अब्दुल कादिर जीलानी गौस पाक की ग्यारवीं शरीफ पर पुराना शहर में जुलूस-ए-गौसिया निकाला गया। इसमें गौस पाक के दीवाने इस्लामी और अरबी पोशाक में शामिल हुए।
अंजुमन गौसो रजा जुलूस कमेटी की ओर से जुलूस सैलानी के रजा चौक से दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा खां कादरी की कयादत में निकाला गया। जो पुराना शहर के निर्धारित मार्गों से होता हुआ वापस रजा चौक पहुंच कर संपन्न हुआ। इससे पहले जुलूस का आगाज मौलाना अजहर रजा ने तिलावते कलाम पाक से किया। आसिम नूरी ने मनकबत का नजाराना पेश किया। मुफ्ती कफील हाशमी ने खिताब करते हुए गौस पाक के किरदार और अमल पर रोशनी डाली। मौलाना बशीरुल कादरी ने गौसे आजम की सीरतो करामात के बारे में बताया।
कायदे जुलूस ने हाफिज सैय्यद हुमायूं को परचम सौंप कर जुलूस को रवाना किया। मजहबी नारों की गूंज के बीच जुलूस में सबसे आगे अंजुमन लश्करे रजा सड़कों पर सफाई और फूलों की बारिश करती चल रही थी। युवा और बच्चे इस्लामी संदेश के साथ अमन-मोहब्बत का पैगाम देती तख्तियां लेकर चल रहे थे। इसमें बीच बीच में शामिल मॉडल झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। जुलूस का रास्ते में जगह जगह लोगों ने इस्तकबाल किया। कमेटी के सदस्यों की भी दस्तारबंदी की गई। जुलूस के कार्यक्रम का संचालन तारिक सईद व मुस्तफा नूरी ने किया। व्यवस्था मास्टर यामीन राईन, हापिज फुरकान, वामिक रजा, जावेद रजा आदि स्वयंसेवकों ने संभाली।
सैलानी की ओर बढ़ते ही पर्दे से निकला डीजे, लहराए चाकू और तलवारें
बरेली। शासन की सख्ती के बावजूद जुलूसों में डीजे और तलवारों के प्रदर्शन पर रोक नहीं लग पा रही है। अंजुमन गौसो रजा जुलूस कमेटी की ओर से निकाले गए जुलूस में भी डीजे बजाकर तलवारें लहराई गईं। एसएसपी शैलेश पांडेय ने जांच कराकर कार्रवाई की बात कही है।
बताया जाता है कि जुलूस जैसे ही सैलानी की ओर बढ़ा डीजे की आवाज तेज कर दी गई। सैलानी चौराहे से थोड़ा आगे बढ़ते ही ढककर रखे डीजे का पर्दा भी हटा दिया गया। फिर जमकर डीजे बजाया गया और चाकू-तलवारें भी लहराई र्गइं। बुलेट के साइलेंसर से खूब पटाखे भी बजाए गए। एक-एक बाइक पर चार-चार लड़के बैठे घूम रहे थे। यह मामला संज्ञान में आने पर एसएसपी ने जांच के निर्देश दिए हैं।
जुलूस में तलवार लहराने और डीजे बजाने की जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी।
- शैलेश पांडेय, एसएसपी