शाह दाना वली की करामातों पर उलमा ने डाली रोशनी
बरेली। कुतुबे शहर हजरत शाह दाना वली के उर्स के दूसरे रोज दिन भर जायरीन की आमद जारी रही। इस बीच तकरीब का सिलसिला बदस्तूर जारी रहा। इसी कड़ी में गागर का जुलूस भी दरगाह शरीफ पर पहुंचा।
उर्स के मौके पर पुराना शहर में गागर का रिवायती जुलूस निकाला गया। जो जोगी नवादा स्थित मरहूम अब्दुल करीम के निवास से रवाना हुआ। यह जुलूस तहसीने मिल्लत सूफी रिजवान रजा खां की कयादत में अपने कदीमी रास्तों से होता हुआ हजरत शाह दाना वली की दरगाह पर पहुंचा। जुलूस का रास्ते भर जगह जगह लोगों ने फूल बरसा कर इस्तकबाल किया। दरगाह पहुंचने पर नजर पेश की गई और गागर का शरबत लोगों को तकसीम किया गया।
रात में उलमा की तकरीर हुई। इसमें शाहदाना वली के साथ साथ मुकर्रिरों ने तमाम बुजुर्गों की करामातों और खूबियों को बयान किया। उलमा ने इस बात पर जोर दिया कि मुसलमान नमाज पढ़ें और सब्र का दामन थाम कर रखें। ऐसे ही लोगों को कामियाबी मिलती है और नमाजी बनेंगे तो हर मुसीबत से बचेंगे। यह भी कहा कि मस्जिद की रौनक बढ़ाओ तो अल्लाह हर घर में रहमत की बारिश कर देगा।
इसी बीत रात 1:40 बजे मुफ्ती आजम हिंद के कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। इस दौरान अल्लामा तौसीफ नूरानी, मुफ्ती हसन रजा मुरादाबादी आदि ने तकरीर की। नातख्वाह मौलाना ताहिर फरीदी ने कलाम पेश किया। सभी तकरीब दरगाह के मुतवल्ली सूफी अब्दुल वाजिद खां की देख रेख में संपन्न हुई।
चादरों का जुलूस आज
दरगाह के मीडिया प्रभारी वसी अहमद वारसी ने बताया कि शनिवार को धोबी वाली गली से चादरों का जुलूस निकाला जाएगा। रात में 9 बजे से महफिले समां होगी।