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चौबारी मेला- रामगंगा पर उमड़ा आस्था का सैलाब

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चौबारी मेला- रामगंगा पर उमड़ा आस्था का सैलाब - फोटो : अमर उजाला, बरेली
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मेले में करीब दो लाख श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

बरेली। कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर रामगंगा पर चौबारी मेले में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। मंगलवार देर शाम तक करीब दो लाख श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया।
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सोमवार रात तीन बजे तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु रामगंगा घाट पर पहुंच चुके थे। सुबह होते-होते यह संख्या बढ़कर एक लाख के पार चली गई। दिन निकलने के बाद भीड़ और बढ़ने लगी। शाम तक करीब दो लाख श्रद्धालुओं ने परिवार के साथ गंगा स्नान कर पुण्य कमाया। लोग छोटे-छोटे बच्चों को गोद में लेकर नहलाते नजर आए। गंगा स्नान के दौरान सेल्फी का भी क्रेज दिखा। कई परिवारों ने मनौती पूरी होने के लिए किन्नरों को नेग दिए। किन्नरों ने भी परिवार और बच्चों को आशीर्वाद दिया। किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए घुड़सवार पुलिस कर्मी मेले का भम्रण करते नजर आए। घाट पर 30 से अधिक गोताखोर तैनात थे, हांलाकि किसी के डूबने की कोई खबर नहीं आई। मेला स्थल और घाट पर स्नान के दौरान कई बच्चे अपने माता-पिता से बिछड़ गए। कई लोगों का सामान गुम हो गया। लोगों ने अकेले देख बच्चों को खोया-पाया कैंप पहुंचाया। वहां से अनाउंस कर बच्चों को उनके परिजनों के हवाले किया। इसके साथ ही पुलिस और प्रशासन समेत पशु चिकित्सा, स्वास्थ्य विभाग के भी शिविर वहां लगे हैं। कई एनजीओ और समितियों ने भी श्रद्धालुओं की मदद को कैंप लगाया था। शाम चार बजे लगभग सभी श्रद्धालुओं ने घरों को लौटना शुरू कर दिया। हालांकि, जाम के हालात नहीं बने।

घाट पर संपन्न कराए संस्कार

व्रत धारण करने वाले श्रद्धालु भी पहुंचे थे। ऐसे में घाट पर करीब सौ से ज्यादा पंडित, पुरोहित उपस्थित थे, जिन्होंने पूजन समेत बच्चों का मुंडन संस्कार कराया।

जागरूकता अभियान चला दिया संदेश
मेले में बेटी बचाओ, मां गंगा बचाओ, प्रदूषण मुक्त गंगा बनाने के लिए विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं ने जागरूकता अभियान चलाया। नुक्कड़ नाटक, रैली, पोस्टर बैनर आदि के माध्यम से जनजागरण किया। लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

मेले का उठाया लुत्फ

श्रद्धालुओं की खासी भीड़ के कारण मेला रातभर गुलजार रहा। घाट भी स्नान के लिए सजकर तैयार थे, जहां श्रद्धालु ने पहले स्नान किया। इसके बाद मेले में खरीदारी की। श्रद्धालुओं ने मेले में भरपूर मनोरंजन किया। विभिन्न झूलों पर बच्चों की खासी भीड़ रही। फर्नीचर, सिल बट्टा, रसोई के तमाम सामान, हैंडीक्राफ्ट, सुरमा, जरी समेत चाय, टिक्की, समोसे, बताशे व अन्य खाद्य पदार्थो की जमकर बिक्री हुई।

जान की फिक्र नहीं.. रेलवे लाइन पर चलते रहे श्रद्धालु

रामगंगा स्टेशन से उतरकर गंगा घाट की ओर जाने वाले श्रद्धालु शॉर्ट कट रास्ते के चक्कर में जान खतरे में डालकर रेलवे पटरियों पर ही चलते रहे। ट्रेन आते देख उतरकर एक तरफ खड़े हो जाते थे। गाड़ी जाने के बाद दोबारा पटरी पर चलने लगते। वहीं रामगंगा स्टेशन पहुंचने वाली हर रेलगाड़ी की बोगी में भीड़ के चलते गेट पर सवारियां को लटककर आना पड़ा।

रामगंगा में बहा दी गईं पॉलिथीन

प्रशासन के दावे के बाद भी व्यवस्थाएं धरी रह गईं। मेले में प्रतिबंध के बाद भी पॉलिथीन नजर आई। दुकानदारों ने पॉलिथीन में सामान दिया। यही पॉलिथीन रामगंगा में बहा दी गईं। घाट पर ही जगहों पर श्रद्धालुओं ने भारी मात्रा में पॉलिथीन फेंकी।

व्यवस्थाएं न होने से हुई परेशानी

भारी भीड़ ने मेले परिसर के अंदर से घाटों तक परेशानी बढ़ाई। अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण घाट पर व्यवस्थाएं चरमरा गई। मोटर साइकिल सवारों को रोक पाने में पुलिस प्रशासन नाकाम रहा। घाट तक मोटरसाइकिल पर परिवार को बैठाकर श्रद्धालु पहुंचे। इस दौरान मेले के अंदर भीड़ में कई मोटरसाइकिल सवार फंसे रहे। काफ ी मशक्कत के बाद वह निकल पाए। इसके अलावा स्नान घाट के आसपास फि सलन होने से कई श्रद्धालुओं को दिक्कतें हुईं।

चंदौसी के घोड़े ने जीती रेस

मेले में लगे नखासा में सैकड़ों घोड़े पहुंचे। किसी ने अपने घोड़े की कीमत करीब दो लाख तो किसी ने सवा लाख बताई। घुड़दौड़ का रोमांचक मुकाबला भी हुआ। घुड़दौड़ देखने वालों की भारी भीड़ रही। घुड़दौड़ चंदौसी के परविन्द्र सिंह के घोड़े ने जीती। उनके घोड़े की बिक्री ढाई लाख रुपये में हुई।
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