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ईद मीलादुन्नबी- जलसे-मिलाद की सजी महफिलें

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बरेली। पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब की यौमे विलादत ईद मीलादुन्नबी के रूप में पूरी अकीदत और जोश के साथ बनाई गई। शहर में जलसे और मिलाद की महफिलें सजी और नियाज नजर कर लोगों को तबर्रुक भी बांटे। रविवार सुबह से ही नबी के चाहने वाले ईद मिलादुन्नबी के जश्न की तैयारी में लग गए थे। नए नए कपड़े पहने और घरों से निकल पड़े। दोपहर से नियाज नजर का सिलसिला शुरू गया। दिन भर मुबारकबाद का सिलसिला जारी रहा। खानकाहों, दरगाहों और मोहल्लों में जश्ने ईद मिलादुन्नबी की महफिलें भी सजाई गई।
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आला हजरत दरगाह
दरगाह आला हजरत पर जश्ने ईद मिलादुन्नबी की महफिल सजाई गई। दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां (सुब्हानी मियां) की सरपरस्ती में महफिल की शुरुआत कुरान ख्वानी से की गई। इसके बाद हाजी गुलाम सुब्हानी ने महफिले मिलाद में नबी-ए-करीम की शान में आला हजरत के लिखे कलाम पेश किए। सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी (अहसन मियां) ने कहा कि ईद मिलादुन्नबी इस्लाम की तीसरी ईद नहीं, बल्कि दुनिया इस्लाम की पहली ईद है। मुफ्ती मोईनउद्दीन ने भी नबी-ए-करीम को खिराजे अकीदत पेश किया। इस दौरान मुफ्ती आकिल रजवी, मुफ्ती सलीम नूरी, मुफ्ती अफरोज आलम, मुफ्ती अनवर अली, मुफ्ती सैय्यद कफील नासिर कुरैशी आदि मौजूद रहे।
दरगाह ताजुश्शरिया
नबी-ए-करीम की यौमे पैदाइश पर दरगाह ताजुश्शरिया पर मिलादे पाक की महफिल सजाई गई। काजीउल कुज्जात मुफ्ती असजद रजा खां कादरी की सरपरस्ती में और जमात के उपाध्यक्ष सलमान मियां की सदारत में संपन्न हुई। इस मौके पर जायरीन को रसूले पाक के मुह-ए-मुबारक, कदम शरीफ और नालैन शरीफ की जियारत कराई गई। मुफ्ती अफजाल रजवी ने रसूले पाक की जिंदगी पर रोशनी डाली। मौलाना मुनाफ ने निजामत की। दरगाह शरीफ पर चादरें भी पेश की गई। इस दौरान मुफ्ती आशिक हुसैन, मुफ्ती नाजिम, मुफ्ती नश्तर फारूकी, मौलाना शम्स रजा, हाफिज काजिम, मौलाना शकील, समरान खान, मोईन खान आदि मौजूद रहे।
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खानकाह वामिकिया
हजरत निशात मियां का विसाली कुल शरीफ खानकाह वामिकिया में मनाया गया। इस मौके नबी-ए-करीम की यौमे विलादत का जश्न भी मनाया। यह तकरीब सज्जादानशीन पीरो मुर्शिद सैय्यद मोहम्मद मियां वामिकी और सज्जादानशीन मौलाना सैय्यद असलम मियां वामिकी की सदारत में मुकम्मल हुई। इसमें हाफिज अलाउद्दीन नूरी वामिकी ने रसूले पाक की शान में तकरीर के साथ ही निशात मियां की जिंदगी पर रोशनी डाली। इस दौरान सैय्यद चांद मियां, नवाब अहमद हुसैन, मोहम्मद उवैस बदायूंनी, हसनैन वामिकी आदि मौजूद रहे।
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