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अयोध्या फैसला : पुलिस को अब गंगा जमुनी फार्मूले का सहारा

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बरेली। अयोध्या में विवादित ढांचे पर शनिवार को आने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने अपनी रणनीति को अमली जामा पहना दिया है। पुलिस की कोशिश है कि अधिक से अधिक समूहों को शांति प्रक्रिया में शामिल किया जाए। इस संबंध में एडीजी अविनाश चंद्र ने सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को देश की गंगा जमुनी तहजीब के मॉडल को बतौर फार्मूला इस्तेमाल करने को कहा है। इसके बाद इस संबंध में पीस कमेटी की बैठकें कर हर जिले में दोनों पक्षों के लोगों को जिम्मेदारी सौंप दी है। इसके तहत आपात स्थिति में हिंदू क्षेत्रों और इनके धर्मस्थलों की रक्षा के लिए मुस्लिमों की मदद लेने और मुस्लिम क्षेत्रों और उनके धर्मस्थलों की रक्षा के लिए हिंदुओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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एडीजी अविनाश चंद्र ने बताया कि अयोध्या मामले में आने वाले फैसले को लेकर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। वैसे समाज में 99.9 प्रतिशत लोग इस फैसले के किसी भी पहलू को लेकर परेशान नहीं हैं और शांत हैं। दशमलव एक प्रतिशत लोग जो खुराफाती हैं, उन पर विशेष नजर रखी जा रही है और ऐसे लोग पुलिस के रडार पर भी हैं। इन लोगों की सोशल मीडिया से लेकर फोन कॉल तक, हर मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है। यदि इन लोगों ने किसी भी तरह से स्थिति बिगाड़ने की कोशिश की तो इन्हें घर में नजरबंद करने से लेकर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। भारत गंगा जमुनी तहजीब का साक्षी रहा है। ऐसे में इसी फार्मूले का इस्तेमाल कर आपात स्थिति में समाज में सौहार्द बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।
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