देवी चंद्रघंटा के घंटे की टंकार से हुआ था असुरों का नाश
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बरेली। दीदी पुष्पांजलि ने मां के स्वरूप के बारे में बताया कि मां चंद्रघंटा असुरों के विनाश के लिए मां दुर्गा के तृतीय रूप में हैं। असुरों के साथ युद्ध में देवी चंद्रघंटा ने घंटे की टंकार से असुरों का नाश कर दिया था। नवरात्रि के तीसरेे दिन इनका पूजन किया जाता है। इनके पूजन से साधक को मणिपुर चक्त्रस् के जाग्रत होने वाली सिद्धियां स्वत: प्राप्त होती हैं।
आनंद आश्रम में चली रही श्रीमद्भागवत में तीसरे दिन उन्होंने कहा कि जीवन में गुण दोष दोनों ही हैं। जब भगवान पर दोष लगे तो इंसान की क्या बिसात है। दुनिया में कोई भी इंसान बिना दोष के नहीं है। उन्होंने कहा कि दुर्गा के दुर्गात्व को घटाया जा रहा है और दुर्गति को बढ़ाया जा रहा है। मां केवल मंदिर में ही नहीं रहती अपितु आपके परिवार की प्रत्येक नारी के रूप में आपके घर में बसती है। दुर्गा मां को गोपी, गाय और गंगा अति प्रिय हैं । हमें तीनों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने तू कितनी अच्छी है, तू कितनी भोली है प्यारी प्यारी है गाने से माहौल को भक्तिमय किया। मंगलवार को आयोजन में मुख्य यजमान राजेंद्र कुमार गुप्ता रहे। आरती बरेली जोन के पुलिस महानिदेशक अविनाश चंद्र शर्मा ने की। अंत में संयोजक मनीष अग्रवाल ने सभी का आभार जताया।