मंदिर स्थापना के दिन श्रद्धालुओं ने चढ़ाए थे 84 घंटे
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2007 में जलाई गई ज्योति से अब भी जगमग है दरबार
बरेली। सुभाष नगर करगैना रोड पर स्थित चौरासी घंटा मंदिर के देवी दरबार में शारदीय नवरात्र में पूरा दिन भक्तों का मेला लगा रहता है। यहां इस समय लाखों घंटे बंधे हैं, जो आरती के समय जब बजते हैं तो पूरा इलाका उनकी मंगल ध्वनि में डूब जाता है। मान्यता है कि यहां जो मनोकामना मांगी जाती है, वह जरूर पूरी होती है।
मंदिर के व्यवस्थापक रविंद्र मोहन गर्ग के मुताबिक उनके पिता स्वर्गीय उमाशंकर गर्ग ने 1969 में यहां प्लॉट खरीदा था। नींव की खुदाई के समय मां शकुंतला देवी के सपने में देवी मां आईं और मकान से पहले मंदिर बनवाने को कहा। शकुंतला देवी ने यह बात पिता को बताई। उसके बाद पिता ने मकान का निर्माण रुकवा दिया और सड़क किनारे देवी मंदिर बनवाया। निर्माण के बाद पहले दिन वहां जुटे भक्तों ने 84 घंटे मां को चढ़ाए और तभी से मंदिर का नाम चौरासी घंटा मंदिर पड़ गया। उनके पिता ने 2007 में ज्योति जलाई थी, जो आज तक जल रही है।
नवरात्र में सुबह चार से रात दस बजे श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। वह स्वयं माता का शृंगार करते हैं। मंदिर में 118584 घंटे हैं, जो भक्तों ने मन्नत पूरी होने पर चढ़ाए हैं।
- रवींद्र मोहन गर्ग, व्यवस्थापक चौरासी घंटा मंदिर