बरेली। श्री राधा-माधव संकीर्तन मंडल की ओर से रामपुर गार्डन स्थित आनंद आश्रम में चल रही रासलीला में श्रीकृष्ण जन्म दशावतार लीला का मंचन किया गया। डॉ. देवकी नंदन महाराज और उनकी टीम ने मंचन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कंस अपनी बहन देवकी से बहुत प्यार करता था। जब उसे पता लगा कि देवकी के गर्भ से जन्म लेने वाली आठवीं संतान उसका काल होगी, तब उसने देवकी और वासुदेव को कारागार में डाल दिया। एक-एक कर देवकी की छह संतानों का वध कर दिया। योग माया ने देवकी के सातवें गर्भ को गोकुल में रोहिणी के गर्भ में स्थापित कर दिया। यहां बल्देव ने जन्म लिया। भद्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को देवकी के गर्भ से श्रीकृष्ण ने जन्म लिया। कारागार के सभी दरवाजे अपने आप खुल गए। वासुदेव ने श्रीकृष्ण को गोकुल में नंदबाबा के घर पहुंचा दिया। गोकुल में नंद बाबा के घर नंदोत्सव मनाया गया। डॉ. देवकी नंदन ने बताया कि पृथ्वी पर जब-जब पाप बढ़ते हैं तब-तब धर्म के स्थापना के लिए भगवान अवतार लेते हैं। इस मौके पर इस मौके पर रामसेवक भारद्वाज, संजीव अग्रवाल, डीएन शर्मा, सुरेश अग्रवाल, नवीन गोयल, संतोष अग्रवाल, विकास शर्मा, जुगल किशोर आदि रहे।