बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कई बार वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान बरेली को संवेदनशील बताने के बावजूद जिला प्रशासन ने जन्माष्टमी पर इसे गंभीरता से नहीं लिया। सूबे के गृह विभाग से आए निर्देशों की भी अनदेखी कर दी। जिले में कुछ स्थानों पर विवाद होने के बाद इसकी जानकारी सीएम कार्यालय तक पहुंची तो शासन ने अफसरों पर नाराजगी जताई। नतीजा यह हुआ कि रविवार को शहर में निकली दो बड़ी शोभा यात्राओं के दौरान जिला प्रशासन चौकस नजर आया।
सूबे के गृह विभाग के सांप्रदायिकता नियंत्रण प्रकोष्ठ ने बरेली समेत कई जिलों में संवेदनशील स्थानों की सूची जारी कर अफसरों को सतर्कता बरतने और खुराफाती तत्वों को पहले से चिह्नित करने के निर्देश दिए थे। लेकिन इस पत्र को यहां अफसरों ठीक से पढ़ा तक नहीं। पहले से इंतजाम न करने की वजह से मगरी गांव में इस बार भी विवाद हो गया। मुड़िया में भी माहौल बिगड़ा। ‘अमर उजाला’ ने प्रशासन की इस लापरवाही को उजागर किया। इस बीच बरेली में विवाद होने की सूचना मुख्यमंत्री कार्यालय में भी पहुंची। इसके बाद शासन ने नाराजगी जताई तो यहां पुराना शहर से निकलने वाली दो शोभा यात्राओं में प्रशासन की सख्ती नजर आई। पुराना शहर में जगतपुर-सहसवानी टोला सीमा पर जहां शोभायात्रा मोड़ने को लेकर विवाद हुआ था वहां पर एडीएम सिटी महेंद्र कुमार सिंह और एसपी सिटी अभिनंदन सिंह मौजूद रहे। दोनों अफसर खुद ही वीडियो भी बनाते रहे।