एडीएम ने बीएसए से कहा कि केंद्रों पर शिक्षक न भेजने का मतलब सीधे-सीधे परीक्षा में असहयोग माना जाएगा। बीएसए ने स्कूल खुलवाने का तर्क दिया तो एडीएम ने कहा कि इस समय परीक्षाएं कराना बेहद जरूरी है इसलिए अब शिक्षकों की कमी की शिकायत नहीं आनी चाहिए।
शहर के लगभग 20 परीक्षा केंद्रों के व्यवस्थापक सुबह एडीएम से मिलने कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। इसके बाद ही एडीएम ने बीएसए और डीआईओएस को तलब किया। दोनों अधिकारियों को अपने दफ्तर में बुलाकर बात की। उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के बैनर तले एडीएम से मिले केंद्र व्यवस्थापकों ने उन्हें कक्ष निरीक्षकों की कमी बताते हुए पूछा कि बिना शिक्षकों के बोर्ड परीक्षा कैसे कराएं। उन्होंने कहा कि जैसे-तैसे अब तक काम चला लिया लेकिन बृहस्पतिवार से बड़ी परीक्षाएं होनी हैं, अगर इनमें भी शिक्षक नहीं मिले तो परीक्षाएं करानी बेहद मुश्किल होंगी। एडीएम से मिलने वाले केंद्र व्यवस्थापकों में डॉ. सुरेश चंद्र रस्तोगी, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. राजीव कुमार शर्मा, डॉ. गिरीश गर्ग, डॉ. मिथलेश भदौरिया, एसके तिवारी, अरमिंदर कौर, डॉ. संदीप इंदवार और शरदकांत शर्मा आदि प्रमुख रहे।
बरेली इंटर कॉलेज में साहू गोपीनाथ से जाएंगे पेपर
बरेली। अव्यवस्थाओं के बीच हो रही यूपी बोर्ड परीक्षा में पेपर भी कम पड़ गए हैं। बरेली इंटर कॉलेज में बृहस्पतिवार को सुबह साढ़े सात बजे से होने वाली हाईस्कूल गृह विज्ञान की परीक्षा के लिए 11 पेपर कम पड़ गए। केंद्र व्यवस्थापक डॉ. राजीव कुमार शर्मा ने डीआईओएस को अवगत कराते हुए पेपर की डिमांड की। पता लगा कि साहू गोपीनाथ कॉलेज में पेपर ज्यादा पहुंच गए हैं। तय हुआ कि परीक्षा से पहले सुबह साहू गोपानाथ में पेपर खुलने के बाद बरेली इंटर कॉलेज भेजे जाएंगे। इसी तरह मॉडल टाउन के गुरु गोविंद सिंह कॉलेज में सुबह होने वाली गृहविज्ञान हाईस्कूल की परीक्षा के लिए अंग्रेजी मीडियम के पेपर नहीं पहुंचे हैं। डीआईओएस की ओर से बताया गया कि जयनारायण इंटर कॉलेज में यह पेपर पहुंच गए हैं, जो सुबह ही मॉडल टाउन भेजे जाएंगे।
आज की परीक्षाएं बड़ी चुनौती
बृहस्पतिवार को सुबह की पाली में हाईस्कूल गणित की परीक्षा भी होनी है और शाम की पाली में इंटर भौतिक विज्ञान का द्वितीय पेपर भी है इसलिए यह दोनों परीक्षाएं समूचे अमले के लिए बड़ी चुनौती हैं। सचल दस्तों के लिए गाड़ियां अब तक नहीं मिल सकी हैं। डीआईओएस डॉ. आशुतोष भारद्वाज का कहना है कि गाड़ियां किराए पर मंगाई जाएंगी। इन पेपरों में परीक्षार्थियों की संख्या ज्यादा होने से कई केंद्रों पर परीक्षार्थियों को जमीन पर बैठाने का बंदोबस्त किया गया है।