बरेली। तपिश और लू के थपेड़ों से बेहाल तहसील क्षेत्रों में बृहस्पतिवार रात आई तेज आंधी और झमाझम बारिश ने राहत तो दी, लेकिन देहात का बिजली आपूर्ति व्यवस्था को फिर ध्वस्त कर दिया, जो आफत बन गई। तहसीलों के कस्बों और ग्रामीण इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। आंधी में कई जगहों पर हाईटेंशन लाइनों पर पेड़ या टहनियां गिर गईं, जिससे कई फीडर ब्रेकडाउन में चले गए।
तहसील क्षेत्रों के कई गांवों में बिजली के खंभे और तार गिर गए। इस कारण सिरौली में विद्युत आपूर्ति 12 घंटे बाद बहाल हुई। मीरगंज क्षेत्र के 250 गांवों में बृहस्पतिवार रात 10:00 बजे से बिजली गुल है। एसडीओ सूर्य प्रताप ने बताया कि परसाखेड़ा से आने वाली 33,000 केवी लाइन पर पेड़ गिर गए हैं। भाखड़ा नदी के पास दो टॉवर गिर गए हैं। आपूर्ति जल्द बहाल की जाएगी। शीशगढ़ समेत 150 गांवों में 13 घंटे बाद आपूर्ति बहाल की गई। दुनका में जुन्हाई बिजली घर से जाफरपुर बिजलीघर तक 12 खंभे टूट गए। इस कारण मार्ग पर यातायात भी बाधित हुआ। नवाबगंज में जगह-जगह फॉल्ट हो गए। ट्रांसफार्मर फ्यूज हो गए, जिससे आपूर्ति बाधित हुई। फतेहगंज पूर्वी में अंधरपुरा फीडर से क्षेत्र के विद्युत उपकेंद्र आने वाली हाईटेंशन लाइन पर पेड़ गिरने से बृहस्पतिवार रात से ठप हुई आपूर्ति शुक्रवार सुबह 10:00 बजे बहाल हुई। इसके बाद ट्रिपिंग होती रही। अवर अभियंता सूरज सिंह तोमर ने बताया कि 38 किमी लंबी लाइन में 18 किमी हिस्से के आसपास पेड़ होने से टहनियां झुक या गिर जाती हैं। इससे समस्या होती है।