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प्रदेश पदाधिकारियों की टीम ने शुरू की जांच

Thu, 07 Dec 2017 02:04 AM IST
बरेली।
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भाजपा जिलाध्यक्ष रवींद्र सिंह राठौर मंगलवार देर रात लखनऊ से बरेली लौट आए। प्रदेश संगठन के बड़े पदाधिकारियों से मिलने के बाद काफी आश्वस्त नजर आ रहे राठौर बुधवार को पूरे दिन अपने बरेली स्थित आवास पर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मिले और शाम को नवाबगंज रवाना हो गए। उधर, पार्टी सूत्रों ने बताया कि हाईकमान के निर्देश पर भाजपा के प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों की एक कमेटी बनाई गई है, जिसने नवाबगंज प्रकरण की गोपनीय जांच शुरू कर दी है। 
जिलाध्यक्ष ने बताया कि बृहस्पतिवार को उन्होंने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय से भी फोन पर वार्ता कर उन्हें पूरे प्रकरण से अवगत करा दिया है। इससे पहले लखनऊ में संगठन महामंत्री सुनील बंसल से मिलकर उन्हें भी पूरी जानकारी दे दी थी। पूरा प्रकरण डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के भी संज्ञान में है। सूत्रों के मुताबिक राठौर ने अपनी तरफ से पार्टी हाईकमान को पूरे प्रकरण की बिंदुवार रिपोर्ट बनाकर दी है। जिस पर प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों की कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। लखनऊ से लौटे राठौर बुधवार शाम एक बीमार कार्यकर्ता को देखने रिठौरा गए और फिर रात को अपनी मां से मिलने नवाबगंज रवाना हो गए।
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‘कमिश्नर साहब, आप खत्म कराइए यह विवाद’ 
विधायक पप्पू भरतौल ने कहा- एसडीएम के आरोप कोरा झूठ

बरेली। बिथरी विधायक राजेश कुमार मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल बुधवार को कमिश्नर डॉ. पीवी जगनमोहन से मिले और उनसे कहा कि नवाबगंज प्रकरण में पीसीएस अफसरों की लामबंदी ठीक नहीं है। वीडियो फुटेज से एकदम स्पष्ट है कि एसडीएम से जिलाध्यक्ष काफी दूर थे। मारपीट के आरोप एकदम गलत हैं। उन्होंने कमिश्नर से कहा कि वह खुद पहल कर इस विवाद को खत्म कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर अधिकारी लामबंदी करेंगे तो जिलाध्यक्ष के पक्ष में भाजपा के लोगों को भी एकजुट होना पड़ेगा। उन्होंने डीएम की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि डीएम को पहले ही बता दिया गया था कि नवाबगंज में गड़बड़ी हो सकती है। मगर इसे उन्होंने गंभीरता से नहीं लिया, न एसडीएम को वहां से हटाया। बताया जा रहा है कि मामले को तूल देने के लिए कुछ जातिगत संगठनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
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