बरेली की सबसे बड़ी समस्या लाल फाटक जाम से मुक्ति को पुल निर्माण के लिए रेल मंत्रालय से हरी झंडी मिल गई है। अब रक्षा मंत्रालय से जमीन मिलने का इंतजार है। इसके लिए प्रदेश सरकार की ओर से रक्षा मंत्रालय को भेजे गए पत्र पर जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वहीं दूसरी ओर सेतु निगम की ओर से विस्तृत एस्टीमेट भी तैयार किया जा रहा है। जिसके आधार पर दिसंबर के पहले सप्ताह में धनराशि रिलीज होने के संकेत मिले हैं। उसी के कुछ दिनों बाद शिलान्यास कराके निर्माण शुरू करा दिया जाएगा, जिससे कि विधानसभा चुनाव चुनाव के लिए अगले महीने के आखिर में जारी होने वाली आचार संहिता का असर न पड़े।
सेतु निगम अफसरों का कहना है कि पुल निर्माण में सेना की कुछ जमीन ली जानी है। इसके लिए प्रदेश सरकार की ओर से रक्षा मंत्रालय को प्रस्ताव भेज दिया था। जिसमें सर्किल रेट के अनुसार उस जमीन का भुगतान करने का अनुरोध किया था। इस पुल का निर्माण होने से बरेली शहर के अलावा बदायूं की ओर से आने वाले वाहनों को जाम से मुक्ति मिलेगी। सेना को भी फायदा होगा। शासन का मानना है कि धनराशि रिलीज होने पर अभी से निर्माण शुरू हुआ तो आगामी छह महीने तक चुनाव के दौरान निर्माण होता रहेगा।
20 दिसंबर से पहले होगा सिविल इंक्लेव का शिलान्यास
त्रिशूल एयरबेस से सटे मुड़िया अहमनगर में सिविल इंक्लेव का निर्माण कराने के लिए शासन स्तर पर तेजी शुरू हो गई है। निदेशक नागरिक उड्डयन ने लखनऊ में बैठक की और अफसरों को निर्देश दिए कि वह अपने अपने स्तर पर तैयारी कर लें। जिससे कि 20 दिसंबर तक शिलान्यास करा दिया जाए। उसके बाद विधानसभा चुनाव आचार संहिता के कारण छह महीने तक निर्माण अधर में लटक सकता है।
लखनऊ में बुधवार को निदेशक नागरिक उड्डन ने सिविल इंक्लेव का निर्माण कराने के लिए पहले फेज में बाउंड्रीवाल को शासन से 5.22 करोड़ रुपये मांगे हैं। उन्होेंने दिसंबर के पहले सप्ताह में शासन से टोकन मनी की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया है। जिससे कि जून तक निर्माण में किसी भी तरह का व्यवधान न हो। वहीं दूसरी ओर एयर पोर्ट अथारिटी आफ इंडिया के इंजीनियरों ने सर्वे और लेवलिंग के बाद गेस्ट हाउस, रनवे, रेस्ट हाउस, सड़क आदि निर्माण के लिए ग्लोबल टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अथारिटी की योजना है कि त्रिशूल एयरबेस का रनवे इस्तेमाल किया जाएगा। वहां से प्लेन सिविल इंक्लेव के रनवे पर रुक जाएंगे और उसी के प्लेटफार्म पर यात्री प्लेन में बैठेंगे और उतरेंगे। बुकिंग, चेक प्वाइंट आदि निर्माण का ले आउट भी बना लिया है।
‘ शासन -प्रशासन की कोशिश है कि दिसंबर के तीसरे सप्ताह तक सिविल इंक्लेव और लाल फाटक पुल निर्माण को शिलान्यास हो जाए। ऐसा हुआ तो विधानसभा चुनाव तक छह महीने निर्माण प्रभावित नहीं होगा और ये दोनों प्रोजेक्ट समय से पूरे हो जाएंगे।’ पंकज यादव, डीएम