प्रदेश में तमाम एग मार्क लाइसेंसी नियमों का उल्लंघन कर ब्लेंडेड इडेबल आयल उत्पादन कर रहे हैं। दो माह पहले हुई छापामारी में लिए नमूनों में गड़बड़ी मिली तो कई फर्में बिना लाइसेंस एग मार्क इस्तेमाल करते मिली। केंद्रीय कृषि और कृषक कल्याण मंत्रालय ने इन पर कड़ी कार्रवाई के लिए संबंधित जिला प्रशासन से कहा गया है। बरेली में चार फर्जी फर्में पायी गयी हैं।
सितंबर माह में अचानक बरेली, कानपुर, सीतापुर, शाहजहांपुर समेत विभिन्न शहरों में ब्लेंडेड इडेबल आयल निर्माताओं के प्रतिष्ठानों पर छापामारी हुई थी। इस दौरान लाइसेंसी प्रतिष्ठानों की लैब चेक हुई और खाद्य तेल के नमूने लिए गए थे। साथ बिना लाइसेंस इडेबल आयल तैयार करने वालों की जांच भी हुई थी। इसकी जांच रिपोर्ट सहायक कृषि विपणन व निरीक्षण निदेशालय सलाहकार लखनऊ ने जारी कर दी है। जांच रिपोर्ट में चार लाइसेंसी नियमों का उल्लंघन करते पाए गए हैं। जबकि चार फर्में बिना किसी लाइसेंस के ब्लेंडेड आयल बना कर बेच रही हैं। प्रदेश भर में दो दर्जन फर्में नियम पालन नहीं करने की दोषी मिली हैं। इनमें 17 फर्में खाद्य तेल उत्पादक हैं।
बिना लाइसेंस ब्लेंडेड आयल उत्पादन
फर्म मार्का
जेएस कंपनी, ब्रह्पुरा राज कोल्हू
जय ट्रेडिंग, श्यामगंज तड़का, माला
और जलधारा
बालाजी ट्रेडिंग, ब्रह्पुरा घराना गोल्ड
अमित ट्रेडर्स, जाटवपुरा पलक
जिनके मानक पूरे नहीं
बजरंग आयल मिल, लालचंद एग्रो, रामकुमार सतीश कुमार, प्रिया जी एग्रो ब्लेंडेड आयल उत्पादक लाइसेंस नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। इसलिए इन प्रतिष्ठानों से कहा गया कि लैब समेत सभी मानक निश्चित अवधि में पूरे कर लें। इसके बाद ही एग मार्क नाम से पैकिंग होगी तब तक पैकिंग करने पर अस्थाई रोक रहेगी।
क्या है एग मार्क लाइसेंस
दो खाद्य तेलों को मिलाकर उत्पादन करने वाले कारोबारियों को एग मार्क लाइसेंस दिया जाता है। लाइसेंस केंद्रीय कृषि और कृषक कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी होते हैं। लाइसेंसी को कड़े परीक्षण पूरे करने के साथ ही लैब भी बनानी होती है। बरेली में गिनी चुनी फर्मों को छोड़कर किसी के पास मानक युक्त लैब और निर्माण प्रक्रिया नहीं है। जांच के बाद बरेली में चार फर्मों का इडेबिल आयल बनाने से मना किया है।
‘दो माह पहले प्रदेश व्यापी चेकिंग करायी गयी थी। बरेली में चार प्रतिष्ठान बिना लाइसेंस इडेबिल आयल पैकिंग करते मिले हैं। इन पर सुसंगत धाराओं में कार्रवाई करने का आग्रह जिलाधिकारी और एफएसडीए से किया है। चार लाइसेंसी फर्में नियम पालन नहीं कर हैं, इन्हें मानक पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।’
- दिनेश कुमार, सहायक कृषि विपणन सलाहकार