बरेली में संपूर्ण समाधान दिवस से अफसरों की अनुपस्थिति की वजह से शिकायतों का समाधान नहीं हो सका। एसडीएम सदर ने अनुपस्थित अफसरों पर नियमानुसार कार्रवाई की संस्तुति जिलाधिकारी से की है।
एसडीएम सदर रत्निका श्रीवास्तव ने भेजे गए पत्र में कहा है कि मंगलवार को तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) प्रथम, द्वितीय, तृतीय और हाईवे, प्रभारी निरीक्षक इज्जतनगर, जिला समाज कल्याण अधिकारी, सहायक वन संरक्षक (वन विभाग), सचिव विकास प्राधिकरण मौजूद नहीं रहे। इन विभागों से कोई अधिकारी या कर्मचारी उपस्थित नहीं हुआ। इस वजह से शिकायतों का निस्तारण नहीं हो सका। समाधान दिवस में राजस्व विभाग की 18, पुलिस की सात, विकास की एक, समाज कल्याण की नौ, स्वास्थ्य की एक व अन्य विभागों की आठ शिकायतें प्राप्त हुईं।
सुनवाई नहीं हुई तो फिर सौंपा प्रार्थनापत्र
नरियावल निवासी जगपाल ने समाधान के लिए मंगलवार को फिर प्रार्थनापत्र सौंपा। पूर्व में भी इन्होंने शिकायती पत्र दिया था पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। बताया कि संजयनगर में उनका 107 गज का मकान था। आसपास जलभराव की समस्या थी। भूमाफिया ने भूमि कब्जाने का प्रयास किया। परेशान होकर उन्होंने घर छोड़ दिया और फिर आरोपियों ने उसे ध्वस्त कर कब्जा कर लिया। उन्होंने संबंधित पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। एडीएम सिटी सौरभ दुबे ने थाना बारादरी को जांच सौंपी है।
सिपाही भर्ती परीक्षा दोबारा कराने की मांग
यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने का आरोप लगाकर मंगलवार को बड़ी संख्या में युवाओं ने संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर प्रदर्शन किया। ज्ञापन देकर परीक्षा फिर से कराने की मांग की गई। इस दौरान हंगामा भी हुआ। प्रदर्शन करने पहुंचे युवाओं का आरोप था कि कई अभ्यर्थियों के मोबाइल फोन पर पहले से ही प्रश्नपत्र पहुंच गए थे।