बरेली। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अशफाक सकलैनी के विरुद्ध एडीएम प्रशासन ने कार्रवाई की संस्तुति अपर आयुक्त प्रशासन से की है। अशफाक सिरौली नगर पंचायत अध्यक्ष चमन सकलैनी के पति हैं। कांग्रेस नेता के विरुद्ध हुई शिकायत पर जांच में एसडीएम आंवला विदुषी सिंह ने पुष्टि की है कि इनके ही मौखिक आदेश पर निकाय कर्मियों ने सार्वजनिक शौचालय तोड़ा है। शौचालय तोड़वाने के लिए कोई विधिक प्रक्रिया भी नहीं अपनाई गई और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है।
एसडीएम आंवला की जांच रिपोर्ट के साथ ही प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय (एडीएम प्रशासन) पूर्णिमा सिंह ने अपर आयुक्त प्रशासन को भेजे पत्र में कहा है कि सिरौली थाने के बराबर में सार्वजनिक शौचालय था। जिसे नगर पंचायत अध्यक्ष चमन सकलैनी के पति अशफाक सकलैनी ने बिना किसी प्रक्रिया को पूरी किए ही अपने मौखिक आदेश पर कर्मियों से तुड़वा दिया है। इसके लिए वह दोषी प्रतीत होते हैं। सार्वजनिक शौचालय तोड़े जाने के संबंध में पूर्व में मंडल अध्यक्ष भाजपा यशु गुप्ता ने अपर आयुक्त प्रशासन को शिकायत दर्ज कराई थी। जांच के दौरान एसडीएम ने शहीदन मोहल्ले के वैभव गुप्ता, मोहल्ला प्यास के शाकिव हुसैन के भी बयान दर्ज किए हैं। यही नहीं उन्होंने मामले में आरोपी अशफाक सकलैनी के भी बयान दर्ज किए हैं। बयान में सकलैनी ने एसडीएम से कहा है कि थाने के पास पुराना शौचालय था, जो बिना किसी जानकारी के तोड़ दिया गया है। उन्हें लोगों ने बताया कि वहां पर पीडब्ल्यूडी की जमीन दर्शाकर बोर्ड लगाया गया है। सार्वजनिक शौचालय के स्थल पर फर्श डलाने का काम ठेकेदार आरिफ व शाकिव कर रहे हैं। ईओ ने एसडीएम को तोड़ा गया सार्वजनिक शौचालय पुराना और निष्प्रयोज्य बताया। संवाद
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सार्वजनिक शौचालय की पहले भी जांच हो चुकी है। शौचालय टूटने के बारे में हमें पता भी नहीं है। जिन ठेकेदारों ने उसी स्थल पर काम किया है, उन्होंने ही तोड़वाया है। एसडीएम ने हमारा पक्ष भी नहीं सुना। शुक्रवार को कमिश्नर से मिलकर जांच की मांग करेंगे। - अशफाक सकलैनी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष
हम इस समय अवकाश पर हैं। कार्यालय आने पर प्रकरण में कार्रवाई करेंगे। - प्रीति जायसवाल, अपर आयुक्त प्रशासन