बरेली। पीड़ित पक्ष को मुआवजा राशि नहीं देने पर एसबीआई जनरल इंश्योरेंस के विरुद्ध 45.69 लाख रुपये की आरसी (वसूली प्रमाणपत्र) जारी हुई है। जिला कलक्टर ने मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण न्यायालय के निर्देश पर यह कार्रवाई की है। सदर तहसील प्रशासन ने बीमा कंपनी को आरसी तामील भी करा दिया है। नियत समय पर मुआवजा अदा नहीं करने पर कुर्की की चेतावनी भी दी है।
यह मामला पीड़ित पक्ष की माया और उनके बेटे नंदराम आदि से जुड़ा है। न्यायालय की तरफ से निर्धारित मुआवजे की रकम के तीन हिस्सेदार हैं। रामपुर गार्डन स्थित एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के शाखा प्रबंधक को मुआवजा अदा करना है। न्यायालय के पीठासीन अधिकारी ने इंश्योरेंस कंपनी के विरुद्ध मोटर दुर्घटना याचिका में अवार्ड धनराशि 45.69 लाख रुपये की वसूली के लिए चार फरवरी को वारंट जारी किया है।
वसूली वारंट के मुताबिक, न्यायालय ने संबंधित तीन वादों का निस्तारण कर इंश्योरेंस कंपनी के विरुद्ध 27 मार्च 2025 को अवार्ड धनराशि घोषित की थी। साथ ही, दो मई 2022 से अदायगी की तिथि तक सात फीसदी साधारण वार्षिक ब्याज की दर से भुगतान करने का आदेश पारित किया था, लेकिन इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारियों ने अब तक यह मुआवजा राशि अदा नहीं की है। वसूली वारंट में न्यायालय ने जिला कलक्टर को संबंधित मुआवजा राशि को भू-राजस्व की तरह वसूलकर 28 मार्च तक कोर्ट में जमा कराने का आदेश दिया है।