कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवोत्थान एकादशी कहा जाता है। यह 22 नवंबर की रात 11:03 बजे से शुरू होकर 23 नवंबर को 9:01 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार 23 नवंबर को देवोत्थान एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इस बार एकादशी पर बन रहा रवि योग विशेष फलदायी होगा। यह सुबह 6:50 से शाम 5:16 बजे तक व्याप्त रहेगा। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
बरेली के ज्योतिर्विद सौरभ शंखधर ने बताया कि सनातन धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन विधि-विधान से जगत के पालनहार की पूजा की जाती है। साथ ही उनके निमित्त व्रत भी रखा जाता है।
भगवान विष्णु इसी दिन क्षीर सागर में नींद से जागृत होते हैं। इसलिए इस दिन से मांगलिक कार्यों का भी शुभारंभ होता है। सिद्धि योग का निर्माण 11: 54 बजे से हो रहा है जो 24 को सुबह 9:05 बजे तक है। सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण संध्याकाल 5:16 बजे हो रहा है जो 24 को सुबह 6:51 बजे तक व्याप्त रहेगा।