अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। बड़े मैदान और पार्कों में 30 से 40 फीट के रावण आज भी लोगों को आकर्षित करते हैं। रावण दहन देखने लोगों के हुजूम उमड़ता है। लेकिन अब दशानन को कालोनी और मोहल्लों में भी जलाया जाने लगा है। कुछ शौकिया तो कुछ परंपरा निभाने के लिए रावण को जलाते हैं। यही कारण है बाजार में रावण के छोटे पुतलों की मांग भी ज्यादा है।
शहर की प्रमुख रामलीला समितियों की ओर से रावण, कुंभकरण और मेघनाद को तैयार करने के लिए पहले से ही आर्डर दे दिया जाता है। कालीबाड़ी इलाके के लोग दशहरे से दो दिन पहले ही रावण के पुतले की बिक्री शुरू कर देते हैं। अब डीडीपुरम इलाके में छोटे पुतले भी बेचे जाने लगे हैं। इनकी कीमत 50 रुपये से 3500 रुपये तक है। रावण का पुतला बनाने वाले काजिब बताते हैं कि छोटे रावण की भी काफी मांग है। इन्हें खरीदने के लिए बच्चे ज्यादा उत्साहित रहते हैं। इन्हें लोग घरों में जलाते हैं। वहीं बड़े रावण कालोनियों में जलाया जाता है। बड़े रावण हमेशा आर्डर पर ही तैयार किए जाते हैं।