अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। मोहनपुर ठिरिया गांव में पुलिस ने नई परंपरा बताते हुए मोहर्रम की आठवीं तारीख पर तख्त उठाने से लोगों को रोक दिया। इस पर हंगामा हो गया और मामला तूल पकड़ने लगा। इंस्पेक्टर कैंट ने भारी पुलिस फोर्स के साथ गांव पहुंचकर तख्त नहीं उठने दिया।
बृहस्पतिवार को मोहर्रम की आठवीं तारीख थी। कैंट के गांव मोहनपुर ठिरिया के वार्ड नंबर एक में कुछ लोग नया तख्त बनाकर जुलूस निकालने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने पहुंचकर नई परंपरा बताते हुए तख्त उठाने से रोक दिया। इस पर लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। गांव के फखर्रुद्दीन, सलीम, हकीम आहिद हुसैन आदि का कहना था कि तख्त काफी पहले से उठता रहा है। वर्ष 1999 में तख्त उठाने वाली कमेटी के सदर शब्बू की मौत हो गई थी, तब से कमेटी बिखर गई और तख्त भी जर्जर हो गया। इस बार उन्होंने उसी तख्त को नया बनवाकर उठाना चाहा। इसमें कोई नई परंपरा नहीं है। उन्होंने प्रशासन से भी अनुमति मांगी, लेकिन नहीं दी गई। उधर, इंस्पेक्टर कैंट एसएन सिंह यादव का कहना है कि वर्ष 2007 से अब तक त्योहार रजिस्टर में इस तरह के तख्त उठने का कोई जिक्र नहीं है, इसलिए अनुमति देने का सवाल ही नहीं उठता है। गांव में एहतियातन पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। इंस्पेक्टर ने बताया कि करीब एक दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई भी की गई है।
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पुलिस पहले से ही अलर्ट थी
नकटिया चौकी इंचार्ज जीके शर्मा का कहना है कि मोहर्रम शुरू होते ही उन्होंने इलाके के ताजियेदारों की मीटिंग की थी। तभी उन्हें बता दिया गया था कि मोहनपुर ठिरिया के वार्ड नंबर एक में एक और नया तख्त बन रहा है, जो मोहर्रम की आठवीं तारीख को उठाया जाएगा। इसी को लेकर पुलिस पहले से ही अलर्ट थी।
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सारा फसाद प्रधानी की दावेदारी का
वार्ड नंबर एक में ही तख्त उठा रहे पूर्व प्रधान बब्बू खां का कहना है कि पुराना तख्त उनके पास है। मोहल्ले के दूसरे छोर के लोगों ने नया तख्त बनाकर उसे पुराना बताते हुए उठाने की कोशिश की। इस तख्त में पुराने तख्त का काफी सामान लगाया गया है। सारा फसाद प्रधानी के दावेदार कर रहे हैं। कई दावेदार उधर की पब्लिक से दावा कर चुके थे कि वह तख्त उठवा कर रहेंगे, जबकि पुलिस ने अपने रिकॉर्ड के मुताबिक कार्रवाई की।