ब्रह्मपुरी में चल रही रामलीला में राम ने रावण का वध कर दिया। वहीं देर रात रावण के 25 फुट ऊंचे पुतले को भी फूंका गया। जिसे देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी।
श्री राम लीला सभा की ओर से अयोध्या के न्यू बजरंग विजय आदर्श राम लीला मंडल के कलाकारों ने बृहस्पतिवार को राम लीला में रावण वध की लीला का मंचन किया। अहिरावण वध के पश्चात लंकेश बहुत दुखी हुए और फिर स्वयं रथ पर सवार हो कर युद्ध भूमि पर लड़ने गए। इधर भगवान श्री राम पैदल और रावण को रथ पर सवार देख कर देवराज इंद्र ने रथ भेजा। इसके बाद भी रावण न मरा तो विभीषण ने बताया कि भगवान इसके नाभि में अमृत है आप इसकी नाभि में 31 वाण मारकर अमृत सुखाइए। तब राम ने उसी तरह रावण का वध किया।
इसके बाद सात फेरे निकाले गए। इसमें एक रथ पर श्री राम और दूसरे रथ पर रावण सवार थे। यह फेरा बड़ी बमनपुरी, मलूकपुर चौराहा, सौदागरान तक निकाले गया। इसमेें बड़ी संख्या में बच्चों से लेकर बड़े तक शामिल हुए। रास्ते भर जय श्री राम के नारों की गूंज रही। तत्पश्चात रंग बिरंगी आतिशबाजी का प्रदर्शन किया गया। इसके बाद ही रावण के पुतले का दहन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेयर आईएस तोमर ने श्री राम लक्ष्मण और सीता की आरती उतारी।
इस दौरान मुनीश शर्मा, राधा कृष्ण शर्मा, अमित अरोड़ा, अविनाथ शंखधार, इंद्रदवे त्रिवेदी, मनोज रस्तोगी, रंजीत रस्तोगी, दीपांश रस्तोगी, राकेश शंखधार, विवेक शर्मा, सुनील मिश्रा, धीरज दीक्षित, मोहित मेहरोत्रा, जनार्दन आचार्य, आलोक शंखधान आदि मौजूद रहे। शुक्रवार को राम लीला में ब्रह्मपुरी से राजगद्दी (शोभायात्रा) दोपहर 12 बजे निकाली जाएगी। शोभायात्रा के साहूकारा पहुंचने पर शाम को भरत मिलाप होगा।