पिछले साल 31 मार्च को जिले में थे छह सक्रिय मामले, अब 230
बरेली। माह भर पहले शून्य की ओर बढ़ रही संक्रमितों की तादाद अचानक बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता भी बढ़ गई है। कोविड प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाते हुए बाजार, पार्क और आयोजन में लोगों का उमड़ रहा हुजूम हालात को और गंभीर बना रहा है। इस लापरवाही के चलते संक्रमण दर इस वक्त 2.3 फीसदी हो गई है। चिकित्सकों ने जागरूकता अभियानों का असर दिखाई न देने पर अब प्रशासन से सख्ती करने का सुझाव दिया है। साथ ही कहा है कि अगर हालात नहीं सुधरते तो 15 दिन का लॉकडाउन ही बचाव का एकमात्र विकल्प होगा।
पिछले साल कोरोना के आंकड़ों पर गौर करें तो 29 मार्च को संक्रमण का पहला मामला सुभाष नगर में मिला था। 31 मार्च को जिले में छह सक्रिय केस थे। लॉकडाउन के बावजूद संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े और जून-जुलाई में हालात काबू से बाहर हो गए थे। वहीं, इस साल के आंकड़ों पर गौर करें तो संक्रमण के 230 सक्रिय मामले हैं, जो कि बीते साल की अपेक्षा 38 गुना ज्यादा हैं। देश के कई राज्यों में संक्रमण की दूसरी लहर हावी होने की बात कही जा रही है। नई स्ट्रेन घातक भी बताई जा रही है। लॉकडाउन लगने की आशंका के बावजूद लोग कोरोना से बचाव के प्रति बेफिक्र और बेखौफ हैं।
कोरोना काल से संक्रमण की रफ्तार पर नजर रख रहे चिकित्सकों का मानना है कि जो संक्रमित नहीं हैं, उन्हें संक्रमण का डर भी नहीं है। बाजारों में बगैर मास्क और दो गज दूरी के लोग खरीदारी कर रहे हैं। संक्रमण के पिछले माह जहां दो से तीन मामले मिल रहे थे, वहीं अब तादाद 15 से 20 तक पहुंच चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक संक्रमण की रफ्तार अब 2.3 फीसदी तक पहुंच चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग ने प्रशासन से की सख्ती की मांग
संक्रमण की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से पब्लिक एड्रेस सिस्टम को फिर से शुरू करा दिया गया है। रैपिड रिस्पॉन्स टीमें सक्रिय हैं और लोगों को संक्रमण से बचाव के प्रति जागरूक कर रही हैं लेकिन असर न दिखाई देने पर जिला सर्विलांस अधिकारी एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने जिलाधिकारी से एक बार फिर कड़ाई से नियमों का पालन कराने का सुझाव दिया है। उधर, डीएम नितीश कुमार ने लोगों से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने और स्वास्थ्य विभाग को सैंपलिंग बढ़ाने, संक्रमितों के संपर्क में आने वालों को तेजी से ट्रेस करने को कहा है।
15 दिन तक कड़ाई से नियमों को सिखाना जरूरी
संक्रामक रोग चैप्टर के अध्यक्ष रहे डॉ. अतुल अग्रवाल ने सख्ती से कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराने से हालात काबू में आने की उम्मीद जताई है। आशंका जताई है कि होली के दौरान नियमों का कहीं कोई पालन नहीं हुआ है। ऐसे में पांच से सात दिन बाद संक्रमण की देर तेजी से बढ़ सकती है। अभी कड़ाई होगी तो संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद मिलेगी अन्यथा हालात को देखते हुए कम से कम 15 दिन के लॉकडाउन को लागू करना विवशता होगी। स्वास्थ्य विभाग से कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग को बढ़ाने और लोगों से टीकाकरण कराकर प्रतिरक्षित होने का सुझाव दिया है।