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दुष्कर्म पीड़िता को टीसी देने वाले को मिली सुरक्षा

Fri, 17 Jul 2015 01:20 AM IST
बरेली
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बरेली। कथावाचक आसाराम पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली बिटिया का शैक्षिक प्रमाण पत्र जारी वाले स्कूल के प्रधानाचार्य अरविंद वाजपेई की जान को भी खतरा है। डीआईजी ने दुष्कर्म मामले के गवाह कृपाल सिंह की हत्या के बाद उनकी सुरक्षा बढ़ा दी है। बिटिया और प्रधानाचार्य के घर की खुफिया विभाग से भी निगरानी रखने को कहा गया है।  
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आसाराम पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली लड़की ने शाहजहांपुर के जिस स्कूल में प्राइमरी शिक्षा ग्रहण की थी। कोर्ट में पीड़िता के अधिवक्ता ने वहीं के प्रधानाचार्य द्वारा जारी किया शैक्षिक प्रमाण पत्र दाखिल किया था। इसी प्रमाण पत्र के आधार पर लड़की को कोर्ट ने नाबालिग माना था। आसाराम के गुर्गों ने प्रधानाचार्य को 50 लाख रुपये का लालच देकर बालिग होने का प्रमाण पत्र मांगा था। गुरू जी का अपने फैसले पर अडिग रहे। उन्हें इसके बाद धमकाकर भी बालिग होने का शैक्षिक प्रमाण पत्र लेने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई थी। इतना ही नहीं अरविंद ने दो महीने पहले कोर्ट में गवाही भी दे दी थी। अरविंद ने को भी कृपाल सिंह की तरह ही जान का खतरा है। डीआईजी आरकेएस राठौर ने बताया कि पीड़िता के अलावा कृपाल सिंह की पत्नी, प्रधानाचार्य अरविंद वाजपेई की भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अरविंद सीधे व्यक्ति हैं। कृपाल सिंह की हत्या के बाद वह थोड़ा डर भी गए हैं। इसलिए उन्हें गनर दिला दिया है। पुलिस की टीमें कृपाल सिंह के हत्यारों का पता लगाने के लिए लगी हुई है। उम्मीद है कि जल्द ही कृपाल सिंह के हत्या का खुलासा होगा।
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