अपर सत्र न्यायाधीश ने बालिका से दुष्कर्म के आरोपी थाना जहानाबाद निवासी व्यक्ति को दोषी पाकर आजीवन कारावास और 90 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। दुष्कर्म के बाद बालिका ने आग लगा ली थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी।
थाना जहानाबाद में रिपोर्ट दर्ज कराई गई जिसके अनुसार आठ दिसंबर 2016 को शाम सात बजे एक बालिका शौच से वापस आ रही थी, उसे आरोपी नरेश ने पकड़ लिया। मुंह दबाकर प्राइमरी स्कूल में खींच ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
शोर पर ग्रामीण आ गए, तब आरोपी भाग गया। इस घटना से आहत होकर बालिका ने खुद को आग लगा ली। 29 दिसंबर 2016 तक जिला अस्पताल पीलीभीत में बालिका का उपचार हुआ। बाद में परिवारीजन उसे घर ले गए। जहां चार जनवरी 2017 को उसकी मौत हो गई।
बालिका के निधन के बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर अंतिम परीक्षण कराया। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपी के खिलाफ नाबालिग बालिका से दुष्कर्म करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश संजीव शुक्ला की अदालत में हुई। राज्य सरकार की ओर से सरकारी वकील अश्विनी कुमार सिंह ने गवाहों के बयान दर्ज कराएं। अपर सत्र न्यायाधीश संजीव शुक्ला ने पारित निर्णय में अंकित किया कि दोषी द्वारा किया गया अपराध समाज का घृणित अपराध है। अपर सत्र न्यायाधीश संजीव शुक्ला ने नरेश को आजीवन कारावास और 90 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।