कहीं हॉटस्पॉट न बन जाए रामपुर गार्डेन, इसे लेकर दहशत में रहे लोग।
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अफसरों के मुताबिक अस्पताल में ही रहे दोनों कोरोना संक्रमित मरीज, बाहर निकलते तो बनता हॉटस्पॉट
बरेली। सोमवार की शाम रामपुर गार्डन और पीलीभीत बाईपास स्थित दोनों निजी अस्पतालों के आसपास के क्षेत्र को हॉटस्पॉट घोषित किए जाने की तैयारी थी। देर रात तक इस बाबत सोशल मीडिया पर मेसेज भी वायरल होने लगे। जिससे हडकंप मच गया। ऐसे में अस्पताल में भर्ती रहे कोरोना संक्रमित के चलते क्षेत्र को हॉटस्पॉट बनाया जाए या नहीं इस पर देर रात उच्चाधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हुई। जिसके बाद हॉटस्पॉट या कन्टेनमेंट जोन नहीं बनाने पर मुहर लगी।
जिला सर्विलांस अधिकारी एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि आईसीएमआर की गाइडलाइन के मुताबिक सिर्फ उन्हीं अस्पताल के आसपास के क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन या हॉटस्पॉट बनाया जाने के निर्देश हैं, जहां मरीज बाहर निकलकर आसपास चक्कर काटा हो। ऐसी स्थिति में संक्रमित का अन्य लोगों के संपर्क में आने की आशंका के चलते एरिया में मूवमेंट पर प्रतिबंध लगाकर सघन सर्वे किया जाता है। ताकि संभावित मरीज ट्रेस हो सकें। मगर, रामपुर गार्डन में संक्रमित महिला गर्भवती थी और पीलीभीत बाईपास के अस्पताल में भर्ती युवक का पैर फ्रैक्चर है। दोनों ही परिस्थितियों में संक्रमित अस्पताल से बाहर निकलने में सक्षम नहीं है। इसलिए हॉटस्पॉट या कन्टेनमेंट जोन नहीं बनाया जा सकता। क्योंकि संक्रमण फैलने की आशंका नहीं है। हालांकि, एहतियातन अस्पताल को बंद कर दिया गया है। दोनों अस्पतालों के सभी डॉक्टर और स्टाफ को उन्हीं के अस्पताल में क्वारंटीन कर दिया गया है। इसमें से किसी में भी संक्रमण के लक्षण मिलने पर उनका सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा। वहीं, क्वारंटीन हुए लोग अस्पताल से बाहर न निकलें इसके लिए अस्पताल के बाहर पुलिसकर्मी तैनात हैं।
30 निजी अस्पतालों को डीएम की मंजूरी का इंतजार
बरेली। बरेली के रेड जोन में होने के साथ ही, निजी अस्पतालों के संचालन के लिए इंफेक्शन प्रिवेंशन प्रोटोकॉल लागू हो गया है। ऐसे में अस्पताल की इमरजेंसी ओपीडी चलाने के लिए प्रोटोकॉल की सभी शर्तें माननी अनिवार्य होंगी। वहीं, बगैर शर्त पूरी किए अस्पताल में इमरजेंसी मरीज भर्ती करने पर कार्रवाई हो सकती है। मामले पर मंगलवार तक 30 अस्पतालों ने स्वास्थ्य विभाग को निर्धारित फार्म पर शर्तें पूरी किए जाने का दावा किया। इस पर चार सदस्यीय टीम ने अस्पतालों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाएं सही मिलने पर आवेदन की मंजूरी के लिए डीएम को भेज दिया है। एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि मंजूरी मिलने पर अस्पताल इमरजेंसी मरीज भर्ती कर सकेंगे। ब्यूरो