बरेली। 15वें वित्त आयोग से विकास के लिए मिली धनराशि को खर्च करने में क्षेत्र पंचायतें फिसड्डी साबित हो रही हैं। वित्तीय वर्ष 2024-2025 में सभी 15 क्षेत्र पंचायतों को 41.38 करोड़ रुपये की धनराशि दी गई थी, जिसमें से सिर्फ 17 करोड़ रुपये ही खर्च हो पाए हैं। इस मामले में रामनगर क्षेत्र पंचायत आवंटित धनराशि का 96.22 फीसदी खर्च कर अव्वल रही। जबकि, आलमपुर जाफराबाद क्षेत्र पंचायत सिर्फ 13.41 फीसदी धनराशि खर्च कर सबसे फिसड्डी रही।
आलमपुर जाफराबाद में दो करोड़ रुपये में से करीब 45 लाख रुपये ही खर्च हो पाए हैं। फरीदपुर क्षेत्र पंचायत की ओर से 1.27 करोड़ रुपये में से 67.39 लाख रुपये ही खर्च किए गए हैं। मझगवां क्षेत्र पंचायत 27.16 प्रतिशत धनराशि खर्च कर पाई है। इसी तरह अन्य क्षेत्र पंचायतों ने भी बजट का कोई प्रयोग नहीं किया है। अब वित्तीय वर्ष समाप्त होने में सिर्फ तीन माह शेष हैं। ऐसे में इस धनराशि का सदुपयोग होता नहीं दिख रहा है।
इस तरह मिलती है धनराशि
15वें वित्त आयोग की ओर से टाइड फंड क्षेत्र पंचायतों में स्वच्छता के लिए दिया जाता है। जबकि, अनटाइड फंड को सड़क, नाली, पानी आदि विकास कार्यों पर खर्च किया जाता है। ब्लॉक प्रमुख और खंड विकास अधिकारी के संयुक्त खाते में यह धनराशि भेजी जाती है। इन्हीं को इस धनराशि को खर्च करने का अधिकार होता है।
मामला संज्ञान में नहीं है। इस बार धनराशि थोड़ा देरी से आई थी, लेकिन इसका प्रयोग हो जाना चाहिए था। संबंधित बीडीओ से इसकी जानकारी ली जाएगी। - जग प्रवेश, सीडीओ
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