बरेली। 273 हेक्टेयर और 12 सेक्टरों में फैली बरेली विकास प्राधिकरण की महत्वाकांक्षी रामगंगानगर आवासीय योजना बदहाली का शिकार हो गई है। वर्ष 2005 में लॉन्च की गई इस आवासीय परियोजना के बाशिंदे आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। यहां हर कदम पर गंदगी का बसेरा है। नालियां बजबजा रहीं हैं। सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर लगे हैं। घर-घर कूड़ा उठान के लिए खरीदे गए रिक्शे सेक्टर सात और नौ के मकान में बंद हैं। कूड़ा उठान की व्यवस्था ठप है। कूड़ा एकत्र करने और निस्तारित करने का कोई इंतजाम नहीं है। जहां खाली जगह मिलती है, वहीं लोग कूड़ा डालते हैं। यहां कूड़ा जलाया भी जाता है। कुछ स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें गुल हो गई हैं। छुट्टा पशु हमलावर हो रहे हैं। बच्चों-बुजुर्गों का अकेले निकलना मुश्किल हो गया है। बीडीए के अफसर नागरिकों को आरडब्ल्यूए के जरिये समस्याओं का समाधान खुद कराने का सुझाव दे रहे हैं।
-
धूल ने किया जीना दुश्वार
सेक्टर एक, पांच और नौ में सुबह नौ से साढ़े दस बजे तक कई स्थानों पर छुट्टा पशु घूमते दिखे। लोग बचकर निकल रहे थे। सेक्टर एक के चार मंजिला आवासीय परिसर का विकास अधूरा है। एक ओर सड़क बनाई गई है, पर दूसरी ओर टाइल्स न लगने से धूल-मिट्टी उड़ रही है। यहां से लोगों का गुजरना दुश्वार है।
कूड़े से चोक नालियां, लोग खुद ही कर रहे सफाई
सेक्टर नौ गेटबंद कॉलोनी है। दो साल पहले किसी वाहन की टक्कर से लोहे का गेट टूट गया था। अब यह चोरी हो चुका है। स्थानीय निवासियों की मांग के बावजूद दूसरा गेट नहीं लगवाया गया। यहां स्ट्रीट लाइटें भी गुल हैं। सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी संतोष कुमार त्रिपाठी ने तीन बार बीडीए कार्यालय में लिखित शिकायत की, लेकिन व्यवस्था नहीं सुधरी। प्राधिकरण ने तमाम सुविधाएं देने का दावा किया था, लेकिन वह पूरा नहीं हुआ। नालियां कूड़े से पटी हैं। पार्क बदहाल है। सेक्टर नौ में गंदगी से आजिज सीमा गंगवार शुक्रवार को सुबह खुद ही सड़क और नाली की सफाई करती मिलीं।
काॅलोनी के बाशिंदों की समस्याओं का समाधान कराएंगे। यह आवासीय योजना बहुत पुरानी है। जहां दिक्कतें थीं, उनको चिह्नित कर समाधान के लिए काम भी शुरू कराए गए हैं। - मनिकंडन ए, उपाध्यक्ष, बीडीए
अमर उजाला ब्यूरो
-
समस्याओं के निस्तारण के लिए बनाएं एसोसिएशन
बीडीए सचिव योगेंद्र कुमार ने बताया कि रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) बनाकर नागरिक आपसी सहयोग से समस्याओं के समाधान की पहल कर सकते हैं। जो काम बीडीए से संबंधित हैं उनकी पैरवी कर सकते हैं। काॅलोनियों के बाशिंदों के लिए यह एक मान्यता प्राप्त पंजीकृत फोरम होता है। हालांकि, रामगंगानगर में एक भी एसोसिएशन पंजीकृत नहीं हैं। इसका पंजीकरण निबंधक के यहां होगा। सेक्टर नौ में द्वार के साथ सुरक्षा कक्ष बना है, पर सुरक्षाकर्मी नहीं है। एसोसिएशन के जरिये नागरिक खुद इसकी व्यवस्था कर सकते हैं।
ढाई साल में सफाईकर्मी को नहीं देखा
मैं यहां ढाई साल से रह रही हूं। इस दौरान पूरी कॉलोनी में एक भी सफाईकर्मी नहीं देखा। जब गंदगी नहीं देखी जाती तो मैं खुद सफाई करने लगती हूं। - सीमा गंगवार, सेक्टर नौ
काॅलोनी में कोई कूड़ा उठाने वाला नहीं है। सीवर चोक है। नालियां बजबजा रही हैं। सड़कों के किनारे कूड़ा पड़ा है। स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत तक नहीं होती। - प्रभात वार्ष्णेय, सेक्टर पांच
अमर उजाला ब्यूरो